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भगवान महाकाल की सवारी में डीजे, ठेले प्रतिबंधित:सवारी की व्यवस्थाओं को लेकर जन प्रतिनिधियों के साथ किया मंथन
भगवान महाकाल की चौथी सवारी को लेकर रविवार को जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों ने व्यवस्था पर मंथन किया। निर्णय लिया है कि सवारी के साथ मुखौटे, ठेले, डीजे, महाकाल का फोटो लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। भजन मंडली के नाम व भगवान के बैनर के अतिरिक्त अन्य किसी व्यक्ति विशेष का प्रचार-प्रसार संबंधित बैनर, होर्डिंग नहीं लगाए जाएंगे। कई भक्त भगवान का स्वरूप धारण कर सवारी में सम्मिलित होकर भक्तों के साथ फोटोग्राफी करवाते है, जिससे सवारी में अनावश्यक विलंब होता है। इस पर भी रोक रहेगी।
श्री महाकालेश्वर भगवान सवारी में होने वाली व्यवस्थाओं के संबंध में महाकाल लोक के कंट्रोल रूम में कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम की उपस्थिति में बैठक संपन्न हुई। बैठक में भजन मंडलियों में शामिल सदस्यों की संख्या सीमित करने एवं मंडलियों में अनाधिकृत रूप से शामिल होने वाले भक्तों का प्रवेश न हो इसका विशेष ध्यान रखने, सभामंडप में अनावश्यक रूप से भीड़ एकत्रित न होने व भगवान की पालकी समय पर मंदिर पहुंचने के संबंध में सुझाव दिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी सवारी तक भजन मंडलियों व सवारी की अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए जाएंगेे। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, सांसद अनिल फिरोजिया जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष विभाष उपाध्याय, विधायक पारसचंद्र जैन, महापौर मुकेश टटवाल, निगम अध्यक्ष कलावती यादव, मंदिर समिति के सदस्य महंत विनीत गिरी पुजारी प्रदीप गुरू, राजेन्द्र शर्मा श्री राम पुजारी, एसपी सचिन शर्मा, एएसपी आकाश भूरिया, प्रशासक संदीप सोनी प्रशासक, एडीएम अनुकूल जैन, महेश पुजारी, आशीष पुजारी, राजेश पुजारी, पुरोहित सत्यनारायण जोशी, गोविन्द शर्मा, जगदीश शुक्ला, दीपक मित्तल मौजूद थे।
देव स्थलों पर ही सवारी रोकी जाए
बैठक में सुझाव दिया गया कि श्री महाकालेश्वर भगवान की पालकी सवारी मार्ग में आने वाले देवस्थानों पर ही परंपरागत रूप से पूजन के लिए रोकी जाए। जिससे पालकी नियत समय पर मंदिर पहुंच सकेगी और अनावश्यक रूप से पालकी के आस-पास आने वाले भक्तों को धक्का-मुक्की का सामना नहीं करना पडेगा। इसी तरह पालकी के पास कपूर, दीपक आरती करने की बजाय जलात्मक आरती करने का सुझाव दिया गया।