- महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत: दर्शन मार्गों पर बन रहा हीट प्रूफ पाथ-वे, तपती जमीन से मिलेगी सुरक्षा
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महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत: दर्शन मार्गों पर बन रहा हीट प्रूफ पाथ-वे, तपती जमीन से मिलेगी सुरक्षा
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था लगातार उमड़ रही है। प्रतिदिन एक लाख से अधिक भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए एक नई और विशेष व्यवस्था लागू की है। मंदिर परिसर और महाकाल महालोक के प्रमुख दर्शन मार्गों पर “हीट प्रूफ पाथ-वे” तैयार किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को गर्म जमीन और तपते फर्श से राहत मिल सकेगी।
मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक के निर्देश पर शुरू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य गर्मी के मौसम में दर्शनार्थियों को सुरक्षित और सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध कराना है। इसके तहत ऐसे विशेष पेंट का उपयोग किया गया है, जिसे सोलर रिफ्लेक्टिव पेंट कहा जाता है। यह तकनीक जमीन पर पड़ने वाली गर्मी को कम करने में मदद करती है, जिससे सतह सामान्य फर्श की तुलना में कम गर्म रहती है और श्रद्धालुओं के पैरों को जलन का सामना नहीं करना पड़ता।
मंदिर समिति के अनुसार करीब 13 हजार वर्गफीट क्षेत्र में यह हीट प्रूफ पाथ-वे विकसित किया जा रहा है। इसका विस्तार नीलकंठ क्षेत्र से शुरू होकर पंचमुखी हनुमान, मानसरोवर मार्ग होते हुए शंख द्वार और बड़ा गणेश मंदिर तक किया जा रहा है। यह वही मार्ग है जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही सबसे अधिक रहती है और लंबी दूरी तक पैदल चलना पड़ता है। ऐसे में यह व्यवस्था गर्मी के मौसम में बड़ी राहत देने वाली मानी जा रही है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि दर्शन के दौरान सबसे बड़ी परेशानी गर्म फर्श और पत्थरों की वजह से होती थी। दोपहर के समय तापमान बढ़ने पर कई श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए हीट प्रूफ तकनीक अपनाई गई है, ताकि दर्शन के दौरान भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे आराम से बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें।
प्रवेश और निकास मार्गों पर इस व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी गई है। मंदिर समिति का मानना है कि जिन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक रहती है और लगातार पैदल आवागमन होता है, वहां यह पाथ-वे सबसे ज्यादा उपयोगी साबित होगा। गर्मी के प्रभाव को कम करने के साथ-साथ इससे दर्शन व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित और सुगम बनेगी।
गौरतलब है कि मंदिर समिति पहले भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई स्थानों पर कार्पेट बिछाने जैसी व्यवस्थाएं कर चुकी है, लेकिन इस बार बढ़ते तापमान और लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त उपाय किए गए हैं। हीट प्रूफ पाथ-वे को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मंदिर प्रशासन का प्रयास है कि गर्मी के मौसम में भी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित वातावरण में दर्शन कर सकें। महाकाल मंदिर में हर दिन देशभर से बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं, ऐसे में दर्शन मार्गों को अधिक आरामदायक बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग लगातार बढ़ाया जा रहा है।