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क्रिकेट खेलते समय उज्जैन के युवक की दुबई में मौत, 6 दिन बाद शव लौटा भारत – दोस्त बने सबसे बड़ा सहारा!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के लिए शनिवार का दिन बेहद भावुक और झकझोर देने वाला रहा। दुबई में इवेंट मैनेजमेंट का काम कर रहे 27 वर्षीय रोमित चंचलानी की क्रिकेट खेलते समय मौत हो गई। मौत के करीब छह दिन बाद उसका शव उज्जैन पहुंचा, जहां चक्रतीर्थ पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया, लेकिन इससे भी बड़ी बात रही वह इंसानियत और भाईचारे की मिसाल, जो रोमित के दोस्तों ने दुबई में पेश की।
रोमित के पिता ललित और मां ममता चंचलानी उज्जैन में रहते हैं। वे बताते हैं कि रोमित 2007 से दुबई में रह रहा था, वहीं पढ़ाई की और फिर इवेंट मैनेजमेंट से जुड़ गया। उसे क्रिकेट खेलने का बेहद शौक था और हर रविवार दोस्तों के साथ मैदान में उतरना उसका रूटीन बन चुका था। मां ने घटना वाले दिन उसे मना किया था कि क्रिकेट खेलने मत जाना, लेकिन बेटा नहीं माना। किसे पता था कि यह उसका आखिरी खेल होगा।
खेल के दौरान अचानक उसके सीने में दर्द उठा और वह गिर पड़ा। दोस्तों ने उसे संभाला और कुछ देर बाद वह IPL मैच देखने लगा। लेकिन देखते-देखते ही उसकी हालत बिगड़ गई और वह बेसुध हो गया। दोस्त उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज शुरू होते ही दूसरा हार्ट अटैक आया और अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई।
इस हादसे के बाद एक और मुश्किल शुरू हुई – रोमित का शव उज्जैन लाने की। यह आसान नहीं था। कागज़ी कार्यवाही, अनुमति, दस्तावेज़ों और कानूनी प्रक्रिया के जाल में परिवार पूरी तरह उलझ गया। लेकिन इस संकट की घड़ी में रोमित के हिंदू-मुस्लिम दोस्तों ने ऐसी मिसाल पेश की जो इंसानियत को फिर से ज़िंदा कर देती है। दुबई में रहने वाले उसके सभी दोस्तों ने एकजुट होकर कागज़ी कार्रवाई पूरी करवाई, दूतावास से संपर्क किया और 6 दिन की अथक मेहनत के बाद आखिरकार शनिवार को रोमित का शव उज्जैन लाया जा सका।
चक्रतीर्थ घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां हर आंख नम थी। मां ममता चंचलानी ने भावुक होकर कहा – “हमने तो अपना सब कुछ खो दिया। लेकिन रोमित के दोस्तों की मदद से ही हमें उसका आखिरी दर्शन नसीब हुआ।” उन्होंने सरकार से अपील भी की कि विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए ऐसी घटनाओं में शव को भारत लाने की प्रक्रिया को सरल और तेज़ किया जाए।