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सिंहस्थ 2028 की भव्य तैयारियाँ तेज़, शासन ने सड़कों से लेकर मंदिरों तक किए अहम विकास कार्यों के निर्णय; कई जिलों में होंगे बड़े निर्माण कार्य
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मध्यप्रदेश शासन ने अब विकास कार्यों की गति तेज़ कर दी है। शुक्रवार, 9 मई को दोपहर 12 बजे कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस अहम बैठक में उज्जैन सहित आसपास के कई जिलों में सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए सड़क निर्माण, मंदिरों का उन्नयन, रेलवे स्टेशन का विस्तार, एसटीपी निर्माण और फायर स्टेशनों के उन्नयन जैसे कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई और महत्वपूर्ण अनुशंसाएँ भी की गईं।
बैठक के दौरान उज्जैन जिले में यूडीए द्वारा बनाई जाने वाली 11 नई सड़कों के निर्माण की अनुशंसा की गई, जो सीधे मेला क्षेत्र और सिंहस्थ बायपास से जुड़ेंगी। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि महापौर, अध्यक्ष, आयुक्त और अपर आयुक्त के निवास स्थलों का निर्माण लोक निर्माण विभाग के तय मापदंडों के अनुसार हो। वहीं, छत्रीचौक स्थित रीगल टॉकीज क्षेत्र में पार्किंग, प्लाजा और दुकानों का निर्माण, साथ ही मेला कार्यालय और जोन कार्यालय की स्थापना के प्रस्ताव रखे गए।
उज्जैन रेलवे स्टेशन के दोनों ओर 12 मीटर चौड़ाई वाले फूट ओवर ब्रिज बनाने की योजना भी सामने रखी गई है, जो सिंहस्थ के दौरान यात्रियों की सुविधा को दोगुना बढ़ा देगी। इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए अन्य जिलों को भी जोड़ते हुए कई बड़े कार्यों की योजना बनाई गई है।
मंदसौर जिले में शिवना नदी तट सौंदर्यीकरण, रिंग रोड के उन्नयन और विभिन्न विकास कार्यों की अनुशंसा की गई। शाजापुर जिले के मक्सी रेलवे स्टेशन तक पहुँचने वाले रास्ते का चौड़ीकरण, देवास जिले में मेंढकी नाले पर स्टॉप डेम और इंटेकवेल का निर्माण ताकि इंडस्ट्रीज का दूषित जल सीधे क्षिप्रा में ना पहुंचे – जैसे पर्यावरण सरंक्षण से जुड़े कदमों को भी मंजूरी मिली। देवास रेलवे स्टेशन के बाहरी हिस्से के विकास और एक होल्डिंग एरिया के निर्माण की भी सिफारिश की गई है।
आगर मालवा जिले में प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा में उन्नयन कार्य, फायर स्टेशनों का विकास, और विभिन्न धार्मिक स्थलों के आसपास मूलभूत सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा की गई।
बैठक में इंदौर जिले में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) निर्माण के अनेक प्रस्तावों पर सहमति बनी। साथ ही, रेजिडेंसी परिसर में एक नया गेस्ट हाउस बनाने का भी निर्णय लिया गया, जिससे सिंहस्थ के दौरान आने वाले विशिष्ट अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
खंडवा जिले में दोनों पुराने पुलों के समानांतर दो नए पुलों के निर्माण को मंजूरी दी गई। साथ ही, श्री ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर परिसर के समग्र विकास, मोरटक्का में यातायात जनसुविधा केंद्र का पीपीपी मॉडल से निर्माण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय हुआ।
खरगोन जिले में मां अहिल्या देवी के लोक निर्माण कार्य और नर्मदा घाट पर रेलिंग निर्माण जैसे कार्यों की अनुशंसा भी की गई है।
बैठक में संभागायुक्त संजय गुप्ता, सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, सहित देवास, मंदसौर, आगर मालवा, शाजापुर, खंडवा और खरगोन जिलों के कलेक्टर्स और अन्य उच्च अधिकारी मौजूद रहे।