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उज्जैन की शिक्षा नगरी में छात्रावास में बर्बरता का तांडव: विक्रम विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग छात्र के साथ मारपीट, आरोपी निष्कासित!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के प्रतिष्ठित विक्रम विश्वविद्यालय के शालिग्राम तोमर छात्रावास से मंगलवार देर रात एक चौंकाने वाली और निंदनीय घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा के मंदिर में छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंजीनियरिंग थर्ड ईयर के छात्र सचिन देवनाथ के साथ रात करीब डेढ़ बजे चार छात्रों ने उनके कमरे में घुसकर बेहरमी से मारपीट की। बताया जा रहा है कि चारों आरोपी नशे में धुत थे और बिना किसी उकसावे के उन्होंने लगभग दस मिनट तक पीड़ित छात्र पर हमला बोला। इस दौरान सचिन के कपड़े फट गए और उन्हें सिर व पैर में गंभीर चोटें आईं।
मारपीट की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज तत्काल छात्रावास पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुबह छात्र का मेडिकल कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में सिर और पैरों में गहरी चोटें दर्ज की गई हैं। चारों आरोपियों की पहचान मुकुल उपाध्याय (एमबीए विभाग), कृष्णा उदासी (स्पोर्ट्स विभाग), रानू गुर्जर (कृषि विभाग) और मोईन शेख (इंजीनियरिंग विभाग) के रूप में हुई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रोक्टोरियल बोर्ड की आपात बैठक बुलाई और तत्काल प्रभाव से चारों छात्रों को न सिर्फ छात्रावास से निकाला, बल्कि विश्वविद्यालय से भी निष्कासित कर दिया। प्रोक्टर प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को भी इस घटना की जानकारी देते हुए लिखित शिकायत सौंपी है। साथ ही पीड़ित छात्र सचिन देवनाथ ने भी व्यक्तिगत रूप से माधवनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
घटना के बाद डरे हुए छात्र का मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वह शाम को सीधे थाने पहुंच गया। उसका कहना था कि जिन छात्रों ने उसके साथ मारपीट की है, वे कुछ भी कर सकते हैं। छात्र के डर और असुरक्षा को देखते हुए विद्यार्थी परिषद के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सिद्धार्थ यादव भी थाने पहुंचे और पीड़ित को विश्वास दिलाया कि उसे न्याय मिलेगा। इसके बाद एफआईआर दर्ज करवाई गई।
माधवनगर थाना प्रभारी राकेश भारती ने पुष्टि करते हुए कहा कि छात्र की शिकायत पर अपराध पंजीबद्ध किया जा रहा है और विश्वविद्यालय द्वारा दिए गए पत्र के आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है।