- महाकाल मंदिर परिसर के पास खुदाई में मिला शिवलिंग: निर्माण कार्य रोका गया, दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- भोर में खुले महाकाल के पट: जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत आभूषणों में सजे बाबा
- 8 साल बाद जेष्ठ में अधिकमास का दुर्लभ संयोग: 17 मई से 15 जून तक रहेंगे मांगलिक कार्य बंद, धार्मिक साधना, दान-पुण्य और तीर्थ के लिए श्रेष्ठ समय
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: स्वस्ति वाचन के बाद खुले पट, पंचामृत से अभिषेक; शेषनाग मुकुट में दिए भगवान ने दर्शन
- महाकाल मंदिर में गुरुवार को दो राज्यों के मंत्री पहुंचे: भस्म आरती में गोवा के कैबिनेट मंत्री, दद्योदक आरती में दिल्ली के गृह मंत्री ने किए दर्शन
महाकाल को भक्त अजय की बड़ी भेंट: 3 किलो चांदी के आभूषण अर्पित, मंदिर समिति ने किया सम्मान; भक्त अजय को मिला प्रसाद-दुपट्टा और आधिकारिक रसीद
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार को भक्तिभाव और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। नई दिल्ली से आए श्रद्धालु अजय ने भगवान महाकाल को चांदी के विशेष आभूषण अर्पित किए। यह भेंट जय श्री महाकाल ग्रुप के माध्यम से और मंदिर के पुजारी दिनेश गुरु की प्रेरणा से दी गई, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह का वातावरण बना रहा।
भक्त अजय द्वारा अर्पित आभूषणों में एक चांदी का मुकुट, एक सूर्यकिरण और दो नाग कुंडल शामिल हैं। इन सभी का कुल वजन 2998.200 ग्राम है। भगवान महाकाल के श्रृंगार में इन आभूषणों का उपयोग होगा, जिससे दर्शन और भी दिव्य और भव्य प्रतीत होंगे।
मंदिर के कोठार प्रभारी मनीष पांचाल ने इस दान की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि महाकाल के चरणों में आभूषण अर्पित करना भक्तों के लिए पुण्य और सौभाग्य का अद्वितीय अवसर होता है।
मंदिर प्रबंध समिति के उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने दानदाता का विधिवत सम्मान किया। इस अवसर पर उन्हें भगवान का प्रसाद, दुपट्टा और दान की आधिकारिक रसीद प्रदान की गई। समिति की ओर से यह भी कहा गया कि इस प्रकार की भेंट न केवल मंदिर की धार्मिक गरिमा को और बढ़ाती हैं, बल्कि श्रद्धालुओं को महाकाल से गहरे जुड़ाव का अनुभव कराती हैं।
धार्मिक मान्यता है कि भगवान महाकाल को आभूषण अर्पित करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। ऐसे में भक्त अजय की इस भक्ति से मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालु भी भाव-विभोर हो उठे और “जय श्री महाकाल” के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे।