- महाकुंभ जैसा होगा सिंहस्थ 2028, पार्किंग स्थलों का हुआ निरीक्षण: अधिकारियों के जारी किए निर्देश, कहा - घाट तक आसान पहुंच पर जोर
- महाकाल मंदिर पहुंचे मिलिंद सोमन और नितीश राणा: भस्म आरती में हुए शामिल, 2 घंटे नंदी हॉल में किया जाप
- तड़के महाकाल के कान में स्वस्ति वाचन, फिर खुला चांदी का पट! भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में दर्शन
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज, इंदौर-देवास से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग पार्किंग और रूट प्लान तैयार करने के निर्देश; संभागायुक्त बोले- घाट निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं, समयसीमा में काम पूरा करें
- उज्जैन में पंचकोशी यात्रा शुरू: महापौर ने नागचन्द्रेश्वर से किया शुभारंभ, 25 हजार श्रद्धालु पहुंचे
महाकुंभ जैसा होगा सिंहस्थ 2028, पार्किंग स्थलों का हुआ निरीक्षण: अधिकारियों के जारी किए निर्देश, कहा – घाट तक आसान पहुंच पर जोर
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार सुबह संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बाहरी श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए प्रस्तावित पार्किंग स्थलों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पार्किंग से घाट तक आसान पहुंच पर जोर
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि पार्किंग स्थलों से शिप्रा घाट तक पहुंचने वाले मार्ग पूरी तरह सुगम और बाधारहित बनाए जाएं। श्रद्धालुओं को घाट तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया।
प्रमुख स्नान के दिनों के लिए वैकल्पिक योजना
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रमुख स्नान तिथियों पर वाहनों की अधिक संख्या को देखते हुए वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था भी तैयार रखी जाए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
इन क्षेत्रों में देखी गई संभावनाएं
प्रशासनिक टीम ने इंदौर-देवास मार्ग से आने वाले वाहनों के लिए ग्राम गंगेडी, धरमबड़ला, सिकंदरी, दाऊदखेड़ी, हाटकेश्वर और गोठड़ा क्षेत्रों का दौरा किया। यहां पार्किंग विकसित करने की संभावनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
कनेक्टिविटी और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर फोकस
संभागायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्किंग स्थलों तक आने-जाने वाले मार्गों की कनेक्टिविटी बेहतर की जाए। साथ ही प्रवेश और निकास की स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
समन्वय से तैयार होगी विस्तृत कार्य योजना
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ महापर्व के लिए पार्किंग व्यवस्था एक महत्वपूर्ण पहलू है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय से जल्द विस्तृत कार्य योजना तैयार करें।
30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सिंहस्थ 2028 को विश्व स्तरीय स्वरूप दिया जा रहा है। अनुमान है कि इस महापर्व में करीब 30 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे और शिप्रा में स्नान करेंगे।
बेहतर सुविधा देने का दावा
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को सुगम यातायात, व्यवस्थित पार्किंग और सुरक्षित आवागमन की सुविधाएं देने के लिए व्यापक तैयारी की जा रही है।