महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच

उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन और विशेष रूप से भस्म आरती में शामिल कराने के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल के दिनों में ऐसे मामलों में बढ़ोतरी ने मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। दो दिन पहले महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं के साथ कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया था, वहीं अब गुजरात से आई दो महिलाओं को भस्म आरती में विशेष दर्शन का भरोसा देकर 42 हजार रुपए की ठगी किए जाने का मामला दर्ज हुआ है।

महाकाल थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आरोपी की पहचान और उसकी गतिविधियों को लेकर कुछ अहम जानकारियां भी सामने आई हैं।

भस्म आरती में विशेष दर्शन के नाम पर किया संपर्क

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, गुजरात निवासी वीणा धनेरिया अपनी मित्र अल्पना पटेल के साथ 15 मई को उज्जैन पहुंची थीं। दोनों का उद्देश्य बाबा महाकाल की प्रसिद्ध भस्म आरती में शामिल होना था।

भस्म आरती में शामिल होने की प्रक्रिया और बुकिंग संबंधी जानकारी के लिए उन्होंने इंटरनेट पर खोज की। इसी दौरान गूगल सर्च के माध्यम से उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला, जो कथित रूप से पंडित दीपक मिश्रा नामक व्यक्ति का बताया गया।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, संपर्क करने पर उस व्यक्ति ने खुद को महाकाल मंदिर से जुड़ा बताया और भरोसा दिलाया कि वह नंदी हॉल में बैठाकर विशेष रूप से भस्म आरती के दर्शन करवा देगा।

अलग-अलग किश्तों में ट्रांसफर कराए 42 हजार रुपए

महिलाओं का आरोप है कि भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने विभिन्न कारण बताकर उनसे ऑनलाइन भुगतान करवाना शुरू किया। अलग-अलग चरणों में उसने कुल 42 हजार रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।

बताया गया कि पैसे लेने के बाद भी आरोपी लगातार यह कहता रहा कि बुकिंग की प्रक्रिया चल रही है और चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। महिलाओं को लगातार भरोसा दिया जाता रहा कि उन्हें निर्धारित व्यवस्था के तहत भस्म आरती में बैठाया जाएगा।

हालांकि, मामला उस समय संदिग्ध लगा जब 16 मई की शाम आरोपी ने फोन कर बताया कि बुकिंग नहीं हो सकी है और वह राशि वापस कर देगा।

आधिकारिक काउंटर पर खुली सच्चाई

फोन कॉल के बाद दोनों महिलाएं स्थिति स्पष्ट करने के लिए सीधे महाकाल मंदिर के अधिकृत काउंटर पहुंचीं। यहां उन्हें जानकारी मिली कि मंदिर में इस प्रकार की कोई अनौपचारिक बुकिंग प्रक्रिया नहीं होती।

इतना ही नहीं, महिलाओं को यह भी बताया गया कि मंदिर व्यवस्था में पंडित दीपक मिश्रा नाम का कोई पुजारी मौजूद नहीं है। यहीं उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।

इसके बाद दोनों महिलाएं सीधे महाकाल थाना पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई।

आरोपी सागर जिले का निवासी, मंदिरों में करता है पूजन-पाठ

महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच प्रारंभ कर दी गई है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सागर जिले का रहने वाला बताया जा रहा है और उज्जैन के अलग-अलग मंदिरों में पूजन-पाठ से जुड़े कार्य करता है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं आरोपी ने इसी तरह अन्य श्रद्धालुओं को भी निशाना तो नहीं बनाया।

दो दिन पहले महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं से भी हुई थी ठगी

यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 13 मई को महाराष्ट्र के पुणे निवासी मानव गायकवाड़ ने भी महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

उन्होंने पुलिस को बताया था कि वे अपने दोस्तों शार्दूल कांबले और तन्मय भालेकर के साथ बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आए थे। यहां आशुतोष शर्मा नामक व्यक्ति ने नंदी हॉल में बैठाकर विशेष दर्शन कराने का आश्वासन दिया और तीनों से 5 हजार रुपए ले लिए।

आरोप है कि पैसे लेने के बावजूद दर्शन नहीं कराए गए। बाद में श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रशासन से शिकायत की थी।

मंदिर प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि भस्म आरती सहित किसी भी विशेष दर्शन की बुकिंग केवल मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही की जानी चाहिए।

प्रशासन के अनुसार:

  • भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग एक माह पहले या तत्काल स्लॉट के तहत उपलब्ध रहती है।
  • तत्काल बुकिंग आरती से एक दिन पहले सुबह 8 बजे “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर की जाती है।
  • भस्म आरती का शुल्क 200 रुपए प्रति व्यक्ति निर्धारित है।
  • संध्या आरती और शयन आरती के लिए भी तय प्रक्रिया और समय अनुसार बुकिंग की जाती है।
  • सामान्य दर्शन सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक पूरी तरह निःशुल्क रहते हैं।
  • प्रोटोकॉल दर्शन के लिए अधिकृत टिकट काउंटर से 250 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क देकर टिकट लिया जा सकता है।

मंदिर प्रशासन ने साफ तौर पर श्रद्धालुओं से कहा है कि वे सोशल मीडिया, गूगल सर्च या खुद को मंदिर से जुड़ा बताने वाले अनधिकृत व्यक्तियों के झांसे में न आएं और किसी भी भुगतान से पहले आधिकारिक प्रक्रिया की पुष्टि अवश्य करें।

महाकाल मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के बीच इस तरह की घटनाएं सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर रही हैं। ऐसे में प्रशासन श्रद्धालुओं को जागरूक करने के साथ-साथ धोखाधड़ी करने वालों पर कार्रवाई की बात भी कह रहा है।

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