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- उज्जैन में भगवान जगन्नाथ का महाअभिषेक: स्नान यात्रा के बाद 15 दिनों के अनवसर में रहेंगे, 16 जुलाई को निकलेगी रथ यात्रा
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उज्जैन में भगवान जगन्नाथ का महाअभिषेक: स्नान यात्रा के बाद 15 दिनों के अनवसर में रहेंगे, 16 जुलाई को निकलेगी रथ यात्रा
उज्जैन में भगवान जगन्नाथ का महाअभिषेक: स्नान यात्रा के बाद 15 दिनों के अनवसर में रहेंगे, 16 जुलाई को निकलेगी रथ यात्रा
उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में सोमवार को भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक स्नान यात्रा श्रद्धा, भक्ति और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा से पहले आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का पंचामृत के साथ गंगा, यमुना, नर्मदा, शिप्रा सहित विभिन्न पवित्र नदियों एवं तीर्थों के जल से विधिवत महाअभिषेक किया गया। मंत्रोच्चार, शंखनाद और भजन-कीर्तन के बीच संपन्न हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
स्नान यात्रा के अवसर पर भगवान के विग्रहों को विशेष रूप से सुसज्जित शोभायात्रा के माध्यम से अभिषेक स्थल तक लाया गया। यहां वैदिक परंपराओं के अनुसार महाअभिषेक संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं को भी पंचामृत और पवित्र तीर्थ जल से भगवान का अभिषेक करने का अवसर दिया गया। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे भक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। मंदिर परिसर दिनभर हरिनाम संकीर्तन, भजन और जयघोष से भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्नान यात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ को अस्वस्थ माना जाता है। इसी परंपरा का पालन करते हुए अब भगवान अगले 15 दिनों तक अनवसर काल में रहेंगे। इस अवधि के दौरान भगवान विश्राम करेंगे और नियमित दर्शन नहीं होंगे। अनवसर समाप्त होने के बाद भगवान पुनः भक्तों को दर्शन देंगे और 16 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के शुभ अवसर पर भव्य रथ यात्रा के माध्यम से नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
महाअभिषेक के बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का आकर्षक गजवेश (हाथी स्वरूप) श्रृंगार भी किया गया, जिसके दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में उमड़ती रही। भक्तों ने भगवान के इस विशेष स्वरूप के दर्शन कर सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। मंदिर प्रबंधन के अनुसार रथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और आयोजन को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य रूप देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। स्नान यात्रा महोत्सव के सफल आयोजन के साथ ही अब श्रद्धालुओं की निगाहें 16 जुलाई को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा पर टिकी हैं, जिसे लेकर भक्तों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।