- उज्जैन में दिव्यांग दंपती ने मांगी सुरक्षा, बोले- FIR के बाद भी आरोपी बेखौफ घूम रहे; कलेक्टर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार
- इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बहाने उज्जैन में हनीट्रैप, युवक का अपहरण कर अश्लील वीडियो से करोड़ों जैसी वसूली की कोशिश, 10 आरोपी गिरफ्तार
- नागदा के सरकारी कॉलेजों के छात्रों ने परिणाम पर उठाए सवाल, 47 विद्यार्थियों को कम अंक और सप्लीमेंट्री मिलने पर विश्वविद्यालय में किया प्रदर्शन
- दिल्ली छात्र प्रदर्शन के समर्थन में उज्जैन में विरोध प्रदर्शन: कैंडल मार्च के साथ 25 जुलाई को बड़े मार्च की तैयारी
- 'रक्तांचल-3' की स्टारकास्ट ने महाकाल मंदिर में किए दर्शन, भस्म आरती में शामिल होकर लिया बाबा का आशीर्वाद
निजी स्कूल संचालक ने दी छात्र का भविष्य बिगाडऩे की धमकी
उज्जैन। देवासरोड स्थित एक निजी स्कूल प्रबंधन की मनमानी का शिकार एक छात्र हो गया। स्कूल प्रबंधन ने छात्र के परिजनों को भविष्य बिगाडऩे की धमकी दे डाली जिसके बाद पुलिस हेडकांस्टेबल ने अपने पुत्र की स्कूल प्रबंधन से टीसी मांगते हुए स्कूल के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
अभिषेक मकवाना पिता रतनलाल मकवाना 17 वर्ष निवासी नीलगंगा पुलिस कॉलोनी कक्षा 11 वीं का छात्र है और देवासरोड स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ता है। अभिषेक सहित स्कूल के 11 अन्य विद्यार्थियों को प्रबंधन द्वारा सिर्फ इसलिये प्रताड़ित किया गया कि उक्त छात्र स्कूल के शिक्षकों के पास ट्यूशन पढऩे नहीं जाते थे। प्रबंधन ने छात्रों पर छात्राओं से छेड़छाड़, टीचर की बात नहीं सुनने सहित अन्य आरोप लगाते हुए परिजनों को नोटिस जारी किये। छात्रों के परिजन स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल से चर्चा करते हुए शिकायत करने वाले टीचरों से आमने-सामने बात कराने को कहा, लेकिन कोई भी टीचर परिजनों के सामने नहीं आया। हालांकि रसूख और पहुंच के चलते 11 में से कुछ बच्चे क्लास में रेग्यूलर हो गये जबकि अभिषेक मकवाना को स्कूल प्रबंधन ने रेग्यूलर नहीं किया। इस पर पुलिस हेडकांस्टेबल रतनलाल मकवाना ने स्कूल संचालक से मोबाइल पर चर्चा की और स्पष्ट कहा कि आप मेरे बच्चे की टीसी दे दो, मुझे अपने बच्चे को आपके स्कूल में नहीं पढ़ाना। इस पर स्कूल संचालक ने अभिषेक का भविष्य बिगाडऩे की धमकी दी तो रतनलाल मकवाना ने कहा कि मैं बच्चे के भविष्य के लिये हाईकोर्ट तक जाऊंगा लेकिन तुम्हारे स्कूल में आगे पढ़ाई नहीं कराऊंगा।