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भौमवती अमावस्या पर रामघाट में बड़ा हादसा टला: क्षिप्रा में डूबते दो मासूमों की होमगार्ड जवान ने बचाई जान, नगद पुरस्कार देकर किया जाएगा सम्मानित!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के पवित्र रामघाट पर भौमवती अमावस्या के पावन अवसर पर मंगलवार सुबह उस वक्त एक बड़ा हादसा टल गया, जब जबलपुर से आए एक परिवार के दो मासूम बच्चे स्नान करते हुए क्षिप्रा नदी में डूबने लगे। घटना सुबह 6:30 बजे आरती स्थल के पास की है, जब घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी। स्नान के दौरान अचानक 8 और 9 वर्षीय दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और तेजी से डूबने लगे।
भीड़ के बीच यह मंजर देखते ही लोगों में हड़कंप मच गया, लेकिन घाट पर तैनात होमगार्ड जवान क्रमांक 638 गोपाल रावत ने बिना एक पल गंवाए तुरंत पानी में छलांग लगा दी। उन्होंने गहरे पानी में तैराकी करते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह पूरा घटनाक्रम चंद मिनटों में घटा, लेकिन यदि जवान की त्वरित प्रतिक्रिया नहीं होती, तो दो मासूमों की जान जाना तय था। बच्चों के माता-पिता और श्रद्धालुओं ने जवानो के इस साहसिक कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की ।
जिला होमगार्ड सेनानी संतोष कुमार जाट ने बताया कि भौमवती अमावस्या और आगामी सोमवती अमावस्या पर्व को देखते हुए 26 और 27 मई 2025 को उज्जैन के सभी प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 110 अधिकारी, कर्मचारी व जवान होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के साथ तीनों शिफ्टों में तैनात किए गए हैं। रामघाट पर अकेले 57 जवान आपदा प्रबंधन उपकरणों के साथ मुस्तैद हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बोट के माध्यम से सतत पेट्रोलिंग भी की जा रही है।
बता दें, घटना के बाद जिला प्रशासन ने जवान गोपाल रावत की तत्परता और साहस की सराहना करते हुए घोषणा की है कि उन्हें नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।