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महाकाल मंदिर में बड़ी बैठक: श्रद्धालुओं की सुविधा से लेकर सिंहस्थ-2028 तक रोडमैप तय, 299 करोड़ का बजट मंजूर
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए मंदिर प्रबंध समिति की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें भविष्य की योजनाओं से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक का फोकस एक ओर जहां श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने पर रहा, वहीं दूसरी ओर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को व्यवस्थित और तेज करने पर भी विशेष चर्चा हुई।
यह बैठक 4 मई 2026 को महाकाल महालोक के कंट्रोल रूम स्थित मीटिंग हॉल में संपन्न हुई। इसकी अध्यक्षता कलेक्टर एवं मंदिर समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने की। बैठक में मंदिर प्रशासन को अधिक सक्षम बनाने, डिजिटल व्यवस्थाओं को मजबूत करने और बढ़ती श्रद्धालु संख्या को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक तैयारी पर जोर दिया गया।
दर्शन मार्ग पर लगेगा 11 करोड़ का शेड
श्रद्धालुओं को मौसम की मार से बचाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया। महाकाल महालोक क्षेत्र में लगभग 11 करोड़ रुपए की लागत से फैब्रिकेशन शेड स्थापित किए जाएंगे। यह शेड त्रिवेणी गेट से शुरू होकर नंदी द्वार होते हुए बड़े गणेश मंदिर तक पूरे दर्शन मार्ग को कवर करेंगे।
इससे गर्मी और बारिश के दौरान दर्शनार्थियों को राहत मिलेगी। इस परियोजना को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत महाकाल लोक की मौजूदा डिजाइन और सौंदर्यीकरण के अनुरूप ही विकसित किया जाएगा।
QR सिस्टम से बदलेगी लाइन व्यवस्था
भीड़ नियंत्रण और दर्शन प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। इसके तहत QR आधारित फ्लैप बैरियर्स लगाए जाएंगे, जिससे एंट्री और मूवमेंट को अधिक सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। इससे लाइन में लगने वाले समय और अव्यवस्था दोनों में कमी आने की उम्मीद है।
ऑनलाइन अन्नदान की सुविधा
डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में मंदिर की वेबसाइट पर नया अन्नक्षेत्र मॉड्यूल शुरू करने का फैसला लिया गया है। इसके माध्यम से श्रद्धालु ऑनलाइन अन्नदान कर सकेंगे और भोजन की बुकिंग भी कर पाएंगे। इससे देश-विदेश से जुड़े श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
करीब 299 करोड़ का बजट पारित
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मंदिर समिति का 29974.37 लाख रुपए (लगभग 299 करोड़ रुपए) का बजट स्वीकृत किया गया। इस बजट के जरिए मंदिर की व्यवस्थाओं, सुविधाओं और आगामी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
सिंहस्थ-2028 के लिए तैयारियां तेज
आगामी सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए कई व्यवस्थागत निर्णय लिए गए। इसके तहत 80 नई स्टील दानपेटियां (50 बड़ी और 30 छोटी) तैयार कराई जाएंगी।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को मजबूत करने के लिए लगभग 1000 बैरिकेट्स की व्यवस्था की जाएगी, जिस पर 259 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा हेवी स्टेनलेस स्टील बैरिकेट्स के लिए 59.14 लाख रुपए की मंजूरी भी दी गई है।
कर्मचारियों को DA सहित वेतन मंजूर
बैठक में मंदिर कर्मचारियों से जुड़ा एक अहम फैसला भी लिया गया। कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) के साथ वेतन भुगतान को मंजूरी दे दी गई है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।
कंट्रोल रूम होंगे और आधुनिक
मंदिर और महाकाल महालोक के कंट्रोल रूम को एकीकृत करने, उसका विस्तार करने और आधुनिक तकनीक से लैस करने का निर्णय भी लिया गया। इससे सुरक्षा, निगरानी और संचालन व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
व्यवस्थाओं को भविष्य के हिसाब से तैयार करने की पहल
बैठक के फैसलों से साफ है कि मंदिर प्रशासन अब सिर्फ वर्तमान जरूरतों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि भविष्य में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की संख्या और बड़े आयोजनों को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी कर रहा है।