- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
शिप्रा नदी में डूबता-डूबता बचा युवक, मां शिप्रा तैराक दल की तत्परता से टली जानलेवा दुर्घटना; फ़िलहाल ICU में भर्ती!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन की पवित्र शिप्रा नदी में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शाम करीब 6 बजे एक युवक नहाने के दौरान गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। लेकिन घाट पर मौजूद मां शिप्रा तैराक दल की सतर्कता और तेज़ कार्रवाई के चलते युवक की जान बचा ली गई। घटना रामघाट से दत्त अखाड़ा को जोड़ने वाली छोटी रपट के पास घटी, जहां बारिश के कारण नदी का जलस्तर पहले से ही खतरनाक स्तर तक बढ़ा हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक गहराई में फंसने के बाद मदद के लिए हाथ-पैर मारने लगा। घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद तैराक दल के सदस्य तुरंत हरकत में आ गए। तेजा कहार, माधव सिंधे, दीपक कहार और अन्ना कहार जैसे अनुभवी गोताखोरों ने बिना एक पल गंवाए नदी में छलांग लगाई और युवक को बाहर खींच लाए।
घाट पर उसे तुरंत प्राथमिक सीपीआर देकर हालत स्थिर करने की कोशिश की गई। इसके बाद उसे ऑटो से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे सीधे आईसीयू में भर्ती कर लिया। फिलहाल युवक बेहोश है और उसकी पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रशासन और अस्पताल दोनों ही उसकी पहचान के लिए इंतजार कर रहे हैं कि कब वह होश में आता है।
गौरतलब है कि श्रावण मास के चलते हर दिन भारी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए शिप्रा घाटों पर उमड़ रहे हैं। ऐसे में जलस्तर बढ़ने के बावजूद कई लोग सावधानी नहीं बरतते, जिससे हादसों की आशंका बढ़ जाती है।