- उज्जैन में दिव्यांग दंपती ने मांगी सुरक्षा, बोले- FIR के बाद भी आरोपी बेखौफ घूम रहे; कलेक्टर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार
- इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बहाने उज्जैन में हनीट्रैप, युवक का अपहरण कर अश्लील वीडियो से करोड़ों जैसी वसूली की कोशिश, 10 आरोपी गिरफ्तार
- नागदा के सरकारी कॉलेजों के छात्रों ने परिणाम पर उठाए सवाल, 47 विद्यार्थियों को कम अंक और सप्लीमेंट्री मिलने पर विश्वविद्यालय में किया प्रदर्शन
- दिल्ली छात्र प्रदर्शन के समर्थन में उज्जैन में विरोध प्रदर्शन: कैंडल मार्च के साथ 25 जुलाई को बड़े मार्च की तैयारी
- 'रक्तांचल-3' की स्टारकास्ट ने महाकाल मंदिर में किए दर्शन, भस्म आरती में शामिल होकर लिया बाबा का आशीर्वाद
महाकाल महालोक में गूंजी ‘भारत माता की जय’, मंदिर परिसर से निकली भव्य तिरंगा यात्रा; प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों से लेकर सुरक्षाकर्मी एक साथ दिखे देशभक्ति के रंग में रंगे!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशभक्ति और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। गुरुवार शाम को महाकाल महालोक के नीलकंठ पथ से एक भव्य तिरंगा यात्रा की शुरुआत हुई, जिसमें मंदिर प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों से लेकर सुरक्षा में तैनात जवानों तक सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में लहराते तिरंगे, गूंजते देशभक्ति गीत, और “वंदे मातरम्” तथा “भारत माता की जय” के जोशीले नारे पूरे महाकाल महालोक को देशभक्ति के रंग में रंगते रहे।
यह यात्रा नीलकंठ द्वार से होते हुए महाकाल महालोक के विभिन्न पथों से गुजरकर श्री महाकालेश्वर मंदिर के शिखर दर्शन तक पहुंची। यात्रा में मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक, उप प्रशासक सिम्मी यादव, सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, आउटसोर्स स्टाफ और सुरक्षाकर्मी शामिल हुए। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर तिरंगे के रंगों से सजा था—केसरिया, सफेद और हरे रंग की रोशनी ने रात को और भी भव्य बना दिया।
मंदिर की उप प्रशासक सिम्मी यादव ने जानकारी दी कि स्वतंत्रता दिवस पर भक्तों के लिए विशेष प्रसाद की व्यवस्था की गई है। 15 अगस्त को दोपहर 12 बजे, श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित निःशुल्क अन्न क्षेत्र में “विशेष भोज” का आयोजन होगा। इसमें पूरी, आलू-छोले की सब्जी, शुद्ध घी का रवे का हलवा और चक्की (मिठाई) परोसी जाएगी। इस अवसर पर मंदिर के अधिकारी, कर्मचारी, आउटसोर्स स्टाफ और श्रद्धालु एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करेंगे, जिससे सामूहिकता और एकता का संदेश भी मिलेगा।