ऑक्सीजन संकट:अस्पताल से बोले- हमारे यहां ऑक्सीजन खत्म हो रही है या तो अपने मरीज काे ले जाओ या फिर खुद ऑक्सीजन लेेकर आओ

ऑक्सीजन संकट:अस्पताल से बोले- हमारे यहां ऑक्सीजन खत्म हो रही है या तो अपने मरीज काे ले जाओ या फिर खुद ऑक्सीजन लेेकर आओ

ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर प्रशासन भले ही लाख दावे करे लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। इसके दो उदाहरण बुधवार को सामने आए। सहर्ष हॉस्पिटल व देशमुख हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के परिजनों से स्पष्ट रूप से यह कहा गया कि उनके यहां ऑक्सीजन खत्म होने वाली है। लिहाजा वे अपने रोगी को यहां से कहीं और ले जाए या फिर खुद ही ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था करें। इधर सीएमएचओ डॉ. महावीर खंडेलवाल का…

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जमीन-कुर्सी पर मरीज आए तो पलंग-बिस्तर तक जुटा रहे, ट्रक में 100 पलंग और इतने ही बिस्तर भिजवाए

जमीन-कुर्सी पर मरीज आए तो पलंग-बिस्तर तक जुटा रहे, ट्रक में 100 पलंग और इतने ही बिस्तर भिजवाए

कोरोना की लहर के बीच प्रशासन-डॉक्टर भी हार नहीं मान रहे। माधवनगर की ओपीडी में जब मरीजों को अचानक ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी, तो जमीन और कुर्सी पर ही इलाज शुरू कर दिया गया। अब बेड कम पड़ने लगे तो पलंग-बिस्तर तक जुटाए जा रहे हैं। बुधवार को कोरोना संक्रमण से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ने पर कलेक्टर आशीष सिंह ने दूरदर्शिता का परिचय दिया। ताबड़तोड़ आरडी गार्डी कॉलेज प्रबंधन से संपर्क किया गया। निर्देश…

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उज्जैन सांसद का अजीब बयान:कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों की मौत के पीछे साइक्लोजिकल इफेक्ट

उज्जैन सांसद का अजीब बयान:कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों की मौत के पीछे साइक्लोजिकल इफेक्ट

उज्जैन में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया का कहना है कि कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों की मौत के पीछे साइक्लोजिकल इफेक्ट भी है। सांसद का यह अजीब बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। मंगलवार को बृहस्पति भवन में कोरोना से निपटने और शहर में अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए क्राइसिस मैनेजमेंट की मीटिंग रखी…

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चक्रतीर्थ पर सुबह 11 बजे तक 11 शवों का अंतिम संस्कार

चक्रतीर्थ पर सुबह 11 बजे तक 11 शवों का अंतिम संस्कार

शहर के गली- मोहल्लों से श्मशान और कब्रिस्तान पहुंच रहे शव चक्रतीर्थ पर एकसाथ 10 शव का किया गया अंतिम संस्कार विद्युत शवदाह गृह में 1 कोरोना संक्रमित का दाह संस्कार हुआ उज्जैन। कोरोना संकट के बढऩे के साथ शहर मौतों का सिलसिला भी बढऩे लगा है। आज सुबह 11 बजे तक 11 लोगों को शवों का अंतिम संस्कार हो गया था। जबकि आम दिनों में दिन भर में भी इतने शव नहीं आते हैं।…

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माधवनगर हॉस्पिटल में 100% मरीज ऑक्सीजन पर…..

माधवनगर हॉस्पिटल में 100% मरीज ऑक्सीजन पर…..

माधवनगर अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते अभी के हालात यह है कि अब और मरीज यहां भर्ती नहीं रखे जा सकते। यहां पर कुल क्षमता 120 बेड की है। जबकि आज प्रात: 10 बजे तक यहां पर 134 मरीज भर्ती थे। सारे बेड फुल होने के बाद जो मरीज आ रहे हैं,उनमें से तकरीबन सभी को ऑक्सीजन चाहिए। इस स्थिति में मरीजों को जमीन पर बैठाकर ऑक्सीजन दी जा रही है। यहां भर्ती…

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मामला SBI,सेठीनगर ब्रांच का कोरोना काल में ब्रांच आने के लिए बुज़ुर्ग कस्टमर्स पर दबाव बना रहे मैनेजर

मामला SBI,सेठीनगर ब्रांच का कोरोना काल में ब्रांच आने के लिए बुज़ुर्ग कस्टमर्स पर दबाव बना रहे मैनेजर

उज्जैन। एक और कोरोना काल में जहाँ शहर लॉक डाउन में है और प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए घरों में है ऐसे में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, सेठीनगर के मैनेजर मिलिंद पाद्ये द्वारा ग्राहकों को जबरदस्ती बैंक आने पर मजबूर किया जा रहा है। आज सुबह 11 बजे सेठीनगर शाखा की एक खाताधारक बुज़ुर्ग महिला को अपने अकाउंट में अपना पता और मोबाइल नंबर अपडेट करवाना था। उक्त महिला के घर में 3…

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कोरोना कर्फ्यू:लॉकडाउन के बाद भी बढ़ती भीड़ को काबू करने के लिए दिनभर चला पुलिस का डंडा और बेशर्म का फूल

कोरोना कर्फ्यू:लॉकडाउन के बाद भी बढ़ती भीड़ को काबू करने के लिए दिनभर चला पुलिस का डंडा और बेशर्म का फूल

तेजी से बढ़ते संक्रमण की चेन तोड़ने तो लगाए लॉकडाउन में चार दिन पुलिस-प्रशासन ने लोगों को राहत देने के बाद मंगलवार से सख्त रुख अपना लिया, क्योंकि रियायत का लोग गलत फायदा उठा रहे थे। आम दिनों की तरह सड़कों पर भीड़ देख पुलिस-प्रशासन सोमवार रात दोबारा बैठक की और सुबह दस बजे के बाद संपूर्ण लॉकडाउन का निर्णय लिया, जिसका असर भी मंगलवार को दिखाई दिया। अधिकांश सड़कें सुबह 11 बजे तक सूनी…

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ऑक्सीजन की किल्लत:निजी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हुई तो स्टाफ के हाथ-पैर फूले

ऑक्सीजन की किल्लत:निजी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हुई तो स्टाफ के हाथ-पैर फूले

उज्जैन के आरडी गार्डी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हुई तो स्टाफ के हाथ-पैर फूल गए। प्रशासन को इसकी जानकारी दी तो ताबड़तोड़ ऑक्सीजन की व्यवस्था कर दी गई। इसके बाद अस्पताल के डीन ने कहा कि सरकार हमारे बकाया 19 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं कर रही है। इस वजह से अस्पताल चलाने में ही दिक्कत हो रही है। सरकार दावा कर रही है कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी नहीं है लेकिन हकीकत में…

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हे सरकार! अस्पतालों में बेड कहां है?:उज्जैन-छिंदवाड़ा के कोविड अस्पतालों में बेड खाली नहीं

हे सरकार! अस्पतालों में बेड कहां है?:उज्जैन-छिंदवाड़ा के कोविड अस्पतालों में बेड खाली नहीं

प्रदेश में कोरोना बेकाबू हाेते ही अस्पतालों में व्यवस्थाएं भी दम तोड़ने लगी हैं। कहीं बेड नहीं मिल रहे हैं, तो कहीं ऑक्सीजन की कमी है। उज्जैन और छिंदवाड़ा के सरकारी अस्पतालों में बेड न मिलने पर कोरोना के गंभीर मरीजों को जमीन पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है।जमीन पर ही ऑक्सीजन दिया जा रहा है। उज्जैन में 24 घंटे में 319 मरीज मिले हैं। यहां पर 297 संक्रमितों को ऑक्सीजन पर रखा गया…

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महंगा पड़ा सेवा का इरादा:उज्जैन में ऑटो चालक ने कोरोना संक्रमितों के लिए फ्री सेवा शुरू की

महंगा पड़ा सेवा का इरादा:उज्जैन में ऑटो चालक ने कोरोना संक्रमितों के लिए फ्री सेवा शुरू की

उज्जैन में एक ऑटो चालक को कोरोना संक्रमितों की मदद करने का नेक इरादा महंगा पड़ गया। हालांकि उसे नहीं पता था कि इससे वह स्वयं के साथ ही दूसरों की भी जान खतरे में डाल रहा है। पुलिस ने कोरोना संक्रमितों के लिए फ्री सेवा का पोस्टर लगा यह ऑटो देखा तो दंग रह गई। इसके बाद ऑटो चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच लगे लॉकडाउन के…

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