- महाशिवरात्रि पर महाकाल में आस्था का सैलाब: 2 दिन में 8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, शीघ्र दर्शन से 62.50 लाख की आय; 1.95 करोड़ के 410.6 क्विंटल लड्डू प्रसाद की बिक्री
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती, सभा मंडप से गर्भगृह तक गूंजा “जय श्री महाकाल”: स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट, पंचामृत अभिषेक और भव्य श्रृंगार के साथ हुए दिव्य दर्शन!
- महाशिवरात्रि पर महाकाल को अर्पित हुआ पुष्प सेहरा, दोपहर में हुई विशेष भस्म आरती; चार प्रहर पूजन के बाद हुआ दिव्य श्रृंगार
- उज्जैन में विक्रमोत्सव 2026 की शुरुआत: महाशिवरात्रि से 19 मार्च तक चलेगा सांस्कृतिक महापर्व, सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया उद्घाटन; ‘शिवोह्म’ संगीत संध्या से सजी पहली शाम
- पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय: 18–19 फरवरी को ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश के संकेत। कई जिलों में अलर्ट जारी; भोपाल-इंदौर में बादल छाने की संभावना, फरवरी में तीसरी बार बदलेगा मौसम
नई शुरुआत:इतिहास को पुनर्जीवित करने की परंपरा में वैशाख कृष्ण षष्ठी पर वेताल का पूजन किया
प्राचीन इतिहास को समेटे शहर में अनेक ऐसे स्थान हैं जो इसके पुरातन वैभव की कहानियां कहते हैं। इनमें ऋणमुक्तेश्वर मार्ग पर स्थित वेताल मंदिर भी है। यह मंदिर सम्राट विक्रमादित्य कालीन माना जाता है। वैशाख कृष्ण षष्टि पर वेताल का पूजन कर विक्रम-वेताल की कहानी को पुनर्स्थापित करने की परंपरा का निर्वाह रविवार को किया गया। विक्रम और वेताल की कहानियां देश की प्राचीन कथा परंपरा का बहुप्रचलित हिस्सा है। विक्रम और वेताल के…
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