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उज्जैन में चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ: हरसिद्धि मंदिर में हुई घट स्थापना, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में गुरुवार की सुबह आस्था और उत्साह के साथ शुरू हुई, जब चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष का एक साथ आगाज हुआ। शहर के प्रसिद्ध हरसिद्धि मंदिर में तड़के ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। सुबह करीब 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही विशेष पूजा-अर्चना का सिलसिला प्रारंभ हुआ, जिसके बाद विधि-विधान से घट स्थापना कर नौ दिवसीय नवरात्र पर्व की शुरुआत की गई। पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की गई, जहां श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए माता के दर्शन किए।
मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्ति का अलग ही माहौल देखने को मिला। वैदिक मंत्रों के बीच घट स्थापना के साथ नवरात्रि का शुभारंभ हुआ और इसके साथ ही नौ दिनों तक चलने वाली देवी आराधना का क्रम शुरू हो गया। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों—शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की क्रमवार पूजा की जाएगी। हर दिन अलग स्वरूप की आराधना का विशेष महत्व होता है, जिसे लेकर भक्तों में खास उत्साह नजर आता है।
हरसिद्धि मंदिर की पहचान उसकी भव्य दीपमालाओं से भी जुड़ी है, जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं। करीब 51 फीट ऊंची इन दीपमालाओं में एक साथ हजारों दीपक प्रज्वलित किए जाते हैं। शाम के समय जब ये दीपमालाएं रोशनी से जगमगाती हैं, तो पूरा परिसर अलौकिक दृश्य प्रस्तुत करता है। खास बात यह है कि पहले ये दीपमालाएं केवल नवरात्रि के दौरान ही जलाई जाती थीं, लेकिन अब श्रद्धालुओं की विशेष बुकिंग के चलते सालभर इन्हें प्रज्वलित किया जाता है। मान्यता है कि दीप प्रज्वलन के समय मांगी गई मनोकामनाएं माता जरूर पूरी करती हैं।
धार्मिक दृष्टि से भी हरसिद्धि मंदिर का विशेष महत्व है। यह देश के 51 शक्तिपीठों में शामिल है और मान्यता है कि यहां माता सती की कोहनी गिरी थी। यही कारण है कि यह स्थल शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। साथ ही, यह मंदिर सम्राट विक्रमादित्य की आराध्य देवी का भी माना जाता है, जिससे इसकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता और बढ़ जाती है।
मंदिर के महंत रामचंद्र गिरी के अनुसार, यहां प्रतिदिन प्राकृतिक ज्योत प्रज्वलित होती है, जो इस स्थान की विशेष पहचान है। देशभर से श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और माता की आराधना करते हैं। नवरात्रि के इन नौ दिनों में हरसिद्धि मंदिर में भक्तों की संख्या और भी अधिक बढ़ने की संभावना है, जिससे पूरा क्षेत्र एक बार फिर भक्ति और आस्था के रंग में रंगा रहेगा।