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मध्यप्रदेश में सिविल डिफेंस अभियान तेज: 210 नए सिविल डिफेंस वालंटियर्स को उज्जैन में मिला विशेष प्रशिक्षण, जिला कमांडेंट ने बताई भूमिका; अब तक 1800 वालंटियर्स तैयार!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर सिविल डिफेंस वालंटियरों का नामांकन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में गत दिवस उज्जैन के होमगार्ड लाइन में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें 210 सिविल डिफेंस वालंटियरों को विभिन्न आपदाओं एवं संभावित युद्ध की स्थिति में राहत एवं बचाव के गुर सिखाए गए।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वालंटियरों को सबसे पहले हवाई हमले की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले रेड, येलो और ग्रीन सायरनों के संकेतों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका तथा आपदा के समय कैसे तुरंत कार्य किया जाए, इस पर भी विशेष रूप से ध्यान दिया गया। प्रशिक्षण में मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में घायलों को CPR देना, अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) को रोकना और प्राथमिक उपचार की विधियों पर भी व्यावहारिक जानकारी दी गई।
इसके अलावा कार्यशाला में आगजनी की घटनाओं से निपटने और उनसे बचाव के तरीके भी समझाए गए। वालंटियरों को बताया गया कि कैसे आग लगने की स्थिति में सही उपकरणों एवं तकनीकों का प्रयोग करके तुरंत आग पर काबू पाया जाए, जिससे जनहानि और संपत्ति की हानि को न्यूनतम रखा जा सके।
इस अवसर पर जिला कमांडेंट होमगार्ड संतोष जाट ने बताया कि उज्जैन जिले में अब तक होमगार्ड विभाग के विभिन्न सत्रों में कुल 1800 सिविल डिफेंस वालंटियरों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह प्रशिक्षण स्वयं होमगार्ड और एसडीआरएफ उज्जैन की अनुभवी प्रशिक्षित टीमों द्वारा कराया गया। उन्होंने बताया कि जारी वर्षा ऋतु को देखते हुए बाढ़ बचाव सहित आगामी सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए सिविल डिफेंस का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षित वालंटियरों की सेवाएं वर्षा ऋतु के दौरान संभावित बाढ़ बचाव कार्यों में तथा आगामी पर्व-त्योहारों पर घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था में ली जाएंगी। श्री जाट ने स्पष्ट किया कि किसी भी आपदा की स्थिति में ये स्थानीय सिविल डिफेंस वालंटियर फर्स्ट रिस्पांडर के तौर पर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य प्रारंभ करते हैं। इससे आपदा के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है, इसीलिए ऐसे प्रशिक्षित वालंटियरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
इस प्रशिक्षण सत्र में जिला कमांडेंट संतोष जाट के अलावा प्लाटून कमांडर पुष्पेंद्र त्यागी एवं एसडीआरएफ उज्जैन की विशेष टीम भी उपस्थित रही, जिन्होंने वालंटियरों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी बारीकियों की विस्तृत जानकारी दी।