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श्रावण सवारी में श्रद्धालुओं की जेब पर हाथ साफ! उज्जैन में मोबाइल, चेन, पर्स की चोरी करने वाले 52 आरोपी पकड़े गए: बच्चों से करवाई जा रही थी चोरी, मां-बाप भी शामिल!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
श्रावण माह की शुरुआत के साथ उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन को लाखों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं, लेकिन इस आस्था की भीड़ में सक्रिय हो गई है चोरों की एक संगठित गैंग, जो भक्तों की आस्था और सुरक्षा दोनों को चुनौती दे रही है।
महाकाल मंदिर परिसर और सवारी मार्ग पर बीते कुछ दिनों में मोबाइल, पर्स, सोने की चेन और अन्य कीमती सामान चोरी होने की शिकायतें तेजी से बढ़ीं। पुलिस को जैसे ही लगातार चोरी की वारदातों की जानकारी मिली, उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने कमान संभाली और 40 पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम को सादी वर्दी में तैनात कर दिया गया।
नतीजा चौंकाने वाला रहा। महज कुछ दिनों में 52 महिला-पुरुष और बच्चों को चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। ये सभी किसी न किसी संगठित गिरोह से जुड़े पाए गए, जिनमें पारदी गैंग के सदस्य भी शामिल हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 100 से ज्यादा मोबाइल, नकदी से भरे पर्स और सोने की चेन जब्त की, जिन्हें बाद में पीड़ितों को लौटा दिया गया।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरी की वारदातों में कई बच्चे भी शामिल थे — जो भीड़ में मासूम बनकर श्रद्धालुओं की जेबों पर हाथ साफ कर रहे थे। पूछताछ में पता चला कि इन बच्चों को चोरी के लिए उनके खुद के माता-पिता द्वारा सिखाया और भेजा गया था। पुलिस ने बच्चों को बाल संप्रेक्षण गृह और उनके गार्जियन तथा मुख्य आरोपियों को जेल भेज दिया है।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सवारी में आने वाली भीड़ की आड़ में ये अपराधी बड़ी सफाई से वारदात को अंजाम दे रहे थे। यही वजह है कि अब प्रत्येक सवारी और भीड़भाड़ वाले मार्ग पर सादी वर्दी में पुलिसबल तैनात किया गया है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दर्शन कर सकें।