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सिंहस्थ 2028 की भव्य तैयारी शुरू: उज्जैन रेलवे स्टेशन से नहीं गुजरेंगी रेगुलर ट्रेनें, मक्सी-नागदा से चलेगी मेला स्पेशल
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर रेलवे और प्रशासन ने कमर कस ली है। लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन और सुविधा के लिए उज्जैन प्रशासन और पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। कलेक्टर कार्यालय में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में संभागायुक्त संजय गुप्ता, डीआरएम अश्विन कुमार, सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सिंहस्थ के दौरान ट्रैफिक और रेलवे संचालन से जुड़े बड़े फैसले लिए गए।
सबसे बड़ा निर्णय यह लिया गया कि सिंहस्थ के दौरान नियमित यात्री ट्रेनें उज्जैन रेलवे स्टेशन से नहीं गुजरेंगी। इस स्टेशन पर केवल मेला से संबंधित विशेष ट्रेनें ही संचालित की जाएंगी, ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे और व्यवस्था प्रभावित न हो। रेगुलर ट्रेनों के लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण किया जाएगा।
मक्सी और नागदा रेलवे स्टेशनों का विशेष उन्नयन करने की योजना है। इन दोनों स्टेशनों को मेला स्पेशल ट्रेनों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पिंगलेश्वर और नईखेड़ी स्टेशनों का उपयोग सहायक स्टेशनों के रूप में किया जाएगा। बाहर जाने वाले यात्रियों के लिए उज्जैन स्टेशन के साथ एक और स्टेशन को चिन्हित किया जा रहा है, जिससे भीड़ का बंटवारा हो सके।
आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विक्रम नगर और चिंतामण रेलवे स्टेशनों को रिजर्व स्टेशन घोषित किया गया है। उज्जैन रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर होल्डिंग एरिया तैयार किया जाएगा, जहां यात्रियों को अस्थायी रूप से रोका जा सकेगा। इसके अलावा स्टेशन पर एक नया फुट ओवर ब्रिज भी बनाया जाएगा, जिससे यातायात संचालन बेहतर और सुरक्षित हो सके।
बैठक में लोक निर्माण विभाग और मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) द्वारा प्रस्तावित रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) की मंजूरी पर भी गंभीरता से चर्चा की गई। उम्मीद है कि सिंहस्थ 2028 से पहले ये सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे ताकि यह ऐतिहासिक आयोजन व्यवस्थित और यादगार बन सके।
इस बैठक से साफ है कि सिंहस्थ 2028 को सिर्फ धार्मिक आयोजन न मानकर एक राष्ट्रीय स्तर का प्रबंधन मॉडल बनाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए हर पहलू पर योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू हो चुका है।