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उज्जैन में झमाझम बारिश: 24 घंटों में नागदा में 92 मिमी, महिदपुर में 55 मिमी पानी बरसा; कई इलाकों में जलभराव से बढ़ी परेशानी!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन जिले में बीते 24 घंटों के दौरान आसमान ने मानो अपने सारे बांध खोल दिए हों। कलेक्टर कार्यालय भू-अभिलेख से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में उज्जैन जिले में औसतन 32.6 मि.मी बारिश दर्ज की गई, जो इस समय के लिए बेहद चौंकाने वाली और सामान्य से कहीं अधिक है।
अगर तहसीलवार बात करें तो, सबसे ज्यादा बारिश नागदा में 92.0 मि.मी दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में पानी भरने की स्थिति पैदा हो गई। इसके बाद महिदपुर में 55.0 मि.मी, झारडा में 35.0 मि.मी, तराना में 33.0 मि.मी, घट्टिया में 27.0 मि.मी, खाचरौद में 23.0 मि.मी, बड़नगर में 16.0 मि.मी और माकडोन में 8.0 मि.मी वर्षा हुई। उज्जैन शहर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई, जो 4.0 मि.मी रही।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 1 जून 2025 से लेकर अब तक उज्जैन जिले में औसतन 211.4 मि.मी बारिश हो चुकी है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में मात्र 167.2 मि.मी बारिश दर्ज की गई थी। यानी इस साल अभी तक 25% से ज्यादा बारिश हो चुकी है, जो साफ संकेत देता है कि मौसम के मिजाज कुछ ज्यादा ही तीखे हो चले हैं।
यह बारिश जहां किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, वहीं शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की वजह से लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। कई जगह गलियों और खेतों में पानी भरने की खबरें हैं।
मौसम विशेषज्ञों की मानें तो दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार मध्यप्रदेश में काफी सक्रिय है। आने वाले दिनों में भी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है।
ऐसे में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं, और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
कुल मिलाकर, इस वक्त उज्जैन जिले में मानसून की झमाझम बारिश ने जहां फसलों में नई जान फूंकी है, वहीं जलभराव और सड़क हादसों की संभावनाओं ने एक डर भी पैदा कर दिया है। ऐसे में ज़रूरत है थोड़ी और एहतियात बरतने की, ताकि बारिश की यह बरकत कहीं आफत में न बदल जाए।