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उज्जैन में झमाझम बारिश से शिप्रा उफनी, रामघाट के मंदिरों तक पहुंचा पानी; मौसम विभाग का अनुमान—सितंबर की बारिश इस बार भी तोड़ेगी रिकॉर्ड!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्यप्रदेश में मानसून विदाई की तैयारी में है, लेकिन जाते-जाते भी आसमान जमकर मेहरबान हो रहा है। बुधवार शाम से देर रात तक हुई तेज बारिश ने उज्जैन में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर में कई इलाकों में पानी भर गया, वहीं शिप्रा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से रामघाट के मंदिरों तक पानी पहुंच गया।
रामघाट के मंदिरों में घुसा पानी
बारिश के चलते शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। नतीजतन रामघाट क्षेत्र में बने प्राचीन मंदिरों के गर्भगृह तक पानी भर गया। पुजारियों और श्रद्धालुओं को घबराहट का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रशासन ने एहतियातन घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
तेज बारिश के बाद शिप्रा नदी का बहाव खतरनाक स्तर तक बढ़ गया। प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए श्रद्धालुओं को घाटों के करीब न जाने की अपील की। नंदी हॉल और हरसिद्धि मंदिर क्षेत्र के आसपास बैरिकेडिंग लगाई गई है।
बारिश का आंकड़ा और हालात
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को उज्जैन में करीब 1.8 इंच बारिश दर्ज की गई। सितंबर माह में अब तक सामान्य से ज्यादा पानी गिर चुका है। पिछले दो साल की तरह इस बार भी सितंबर की बारिश ने औसत को पार कर दिया है। शहर की सामान्य वर्षा 34.81 इंच है, जबकि इस सीजन में अब तक उससे अधिक पानी गिर चुका है।
प्रदेश की स्थिति से जुड़ा अपडेट
प्रदेशभर के कई जिलों में बारिश हुई, लेकिन उज्जैन में इसका असर सबसे ज्यादा दिखाई दिया। इंदौर में जहां नाले में बहे एक बच्चे की मौत हो गई, वहीं भोपाल में भारी बारिश से भदभदा डैम का गेट चौथी बार खोलना पड़ा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक लोकल सिस्टम की वजह से प्रदेशभर में कहीं-कहीं झमाझम बारिश होती रहेगी।