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इंदौर मेट्रो: अब रफ्तार पकड़ेगा सपना, गांधी नगर से टीसीएस तक दौड़ेगी मेट्रो, उज्जैन तक विस्तार की तैयारी पूरी!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
इंदौर शहर अब सिर्फ स्मार्ट नहीं, बल्कि मेट्रो सिटी बनने की दहलीज पर खड़ा है। सालों से जिस मेट्रो ट्रेन का सपना देखा जा रहा था, उसका कमर्शियल रन अब कुछ ही दिनों की दूरी पर है। तैयारियां पूरी हो चुकी हैं—बस प्रधानमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिलने की देर है। गांधी नगर डिपो से लेकर सुपर कॉरिडोर के टीसीएस चौराहा तक करीब 6 किलोमीटर का पहला कमर्शियल सफर अब शुरू होने को है। यह सिर्फ एक सफर नहीं, बल्कि इंदौर के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम है।
शनिवार को प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ मेट्रो की पूरी व्यवस्था का निरीक्षण किया। तीनों नेता खुद मेट्रो में सवार हुए, पांचों स्टेशनों पर उतरे, हर डिटेल को समझा और जनता के लिए इस सुविधा को जल्द शुरू करने के संकेत दिए। सफर की शुरुआत गांधी नगर स्टेशन से हुई और ट्रेन 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार तक पहुंची। सिर्फ 12 से 15 मिनट में यात्रियों को 5.9 किलोमीटर का सफर तय करने का अनुभव मिलेगा। और किराया? मात्र 20 रुपए! लेकिन मंत्री ने इस शुभ शुरुआत को ‘शगुन’ मानते हुए 100 रुपए में टिकट लिया और कहा—”अच्छी चीज़ की शुरुआत अच्छे भाव से होनी चाहिए।”
लेकिन ये सब कुछ नहीं है। असली धमाका तो अब होगा—इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो रूट की डीपीआर (Detailed Project Report) तैयार हो चुकी है। और दावा किया जा रहा है कि सिंहस्थ 2028 से पहले इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। यानी दो पवित्र शहरों को जोड़ेगा अब आधुनिक भारत का ट्रांसपोर्ट—मेट्रो।
और कहानी यहीं खत्म नहीं होती। सरकार का अगला टारगेट है—रेडिसन चौराहे तक मेट्रो का ट्रायल रन और एमजी रोड से पहले ही रूट को अंडरग्राउंड करना ताकि ऐतिहासिक बाजारों की खूबसूरती को नुकसान न पहुंचे। गांधी नगर में कन्वेंशन सेंटर की जमीन तय हो चुकी है और स्टेडियम की भी प्लानिंग चल रही है। मंत्री विजयवर्गीय का वादा है कि किसी भी कीमत पर तीन साल के भीतर मेट्रो पूरी रफ्तार में दौड़ती नजर आएगी।