- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
उज्जैन की सड़कों पर विकास की नई सुबह: दो प्रमुख मार्गों को मिली स्वीकृति, बाकी कार्यों की प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ रही!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन, जो कि न केवल धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि तेज़ी से बढ़ता हुआ एक आधुनिक शहर भी बन रहा है — वहां नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नगर निगम द्वारा शहर के चार प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो चुका है, जिससे ट्रैफिक की समस्या कम होगी और नागरिकों को अधिक सुगम सफर का अनुभव मिलेगा।
राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) द्वारा हाल ही में वीडी मार्केट से शिप्रा नदी के छोटे पुल तक और कोयला फाटक से गोपाल मंदिर तक के मार्गों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन दो प्रमुख मार्गों पर अब जल्द ही चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों में यातायात और जनसुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
जहां एक ओर इन दो मार्गों पर कार्य प्रारंभ होने जा रहा है, वहीं खजूरवाली मस्जिद से गणेश चौक और गाड़ी अड्डा से बड़ी पुलिया मार्ग के लिए प्रक्रिया को और बेहतर बनाने हेतु रि-टेंडर की योजना बनाई गई है। इससे यह स्पष्ट है कि प्रशासन गुणवत्ता और पारदर्शिता को सर्वोपरि रखते हुए योजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।
इस पूरी योजना में 1335 मकान और 51 धार्मिक स्थल प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और समझदारी से इस दिशा में कार्य कर रहा है। धार्मिक स्थलों के संबंध में निर्णय लेने से पहले विस्तृत विचार-विमर्श और सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा।
नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक ने जानकारी दी कि जहां स्वीकृति मिल चुकी है, वहां ठेकेदारों को जल्द ही वर्कऑर्डर जारी किया जाएगा और कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके साथ ही मकान मालिकों को निर्माण हटाने के लिए नोटिस भी दिए जाएंगे, ताकि कार्य सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।
हालांकि अन्य दो मार्गों के लिए टेंडर की प्रक्रिया को दोबारा अपनाया जाएगा, लेकिन प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है — हर नागरिक को बेहतर सड़कों और यातायात व्यवस्था का लाभ जल्द से जल्द मिले।