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प्रयागराज के अफसर उज्जैन सिंहस्थ की तैयारियों का लेंगे जायजा, भीड़ और व्यवस्था को लेकर साझा करेंगे अनुभव
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
प्रयागराज में हुए पिछले महाकुंभ के दौरान बड़ी भीड़ के चलते कई बार भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। अब ऐसी घटनाएं उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ 2028 में न हों, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। प्रयागराज से प्रशासन के 5 वरिष्ठ अधिकारी 7 से 9 अप्रैल तक तीन दिन के लिए उज्जैन आ रहे हैं।
इनका मकसद है कि वे उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर चल रही तैयारियों को नजदीक से देखें और जो अनुभव प्रयागराज में उन्हें मिले थे, वो उज्जैन प्रशासन से साझा करें। इससे उज्जैन में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्था बनाई जा सकेगी।
क्या-क्या देखेंगे प्रयागराज के अधिकारी?
यह टीम ट्रैफिक कंट्रोल, भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन सेवाएं, साधु-संतों की रहने की व्यवस्था, पूजा स्थलों तक आसान पहुंच जैसी व्यवस्थाओं का मैदान में जाकर निरीक्षण करेगी। उज्जैन के कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि यह विज़िट दोनों शहरों के लिए सीखने और समझने का बड़ा मौका है। पिछले महाकुंभ में दावा किया गया था कि करीब 65 करोड़ लोग पहुंचे थे। इससे ट्रैफिक पूरी तरह जाम हो गया था, लोग पैदल कई किलोमीटर चले, ट्रेन और सड़कें भर गई थीं, और स्थानीय लोग भी अपने घरों में फँसे रह गए थे। अब प्रयागराज के अफसर वही अनुभव उज्जैन में साझा करेंगे ताकि वैसी परेशानी यहाँ न हो।
शहर की सड़कों का चौड़ीकरण हो रहा है, शिप्रा नदी की सफाई चल रही है, ब्रिज बनाए जा रहे हैं, और रेलवे की सुविधाओं पर भी काम हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार चाहती है कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को हर तरह की सुविधा और आध्यात्मिक अनुभव मिल सके।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर पहले ही मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव उज्जैन आकर तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। अब प्रयागराज से आई टीम इन कामों को देखेगी और सुझाव भी देगी।
तीन दिन के प्रवास में प्रयागराज के अधिकारी उज्जैन के विभिन्न विभागों के साथ बैठकर प्लानिंग पर चर्चा करेंगे और बतायेंगे कि किस तरह की व्यवस्था से बड़ी भीड़ को भी संभाला जा सकता है। यह सिर्फ एक प्रशासनिक दौरा नहीं है, बल्कि दो तीर्थस्थलों के बीच आस्था, अनुभव और सेवा का साझा संवाद भी है।