- महाकाल मंदिर का नंदी हॉल बदलेगा रूप, 20 लाख की लागत से होगा सौंदर्यीकरण; सावन से पहले पूरा करने की तैयारी
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच
- शनिचरी अमावस्या पर उज्जैन के शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल चढ़ा; घाटों से हटाए गए कपड़े और जूते-चप्पल
- “मैं पापा के साथ जाऊंगा…”: उज्जैन कोर्ट में मासूम की जिद के बाद पिता संग भैरवगढ़ जेल पहुंचा 4 साल का बच्चा
- बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम, कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत खिलाड़ियों ने भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
27 मई को शनि जयंती और भौमवती अमावस्या का महायोग, देशभर के शनि मंदिरों में होंगे विशेष धार्मिक आयोजन; हजारों भक्त उज्जैन में करेंगे विशेष पूजन!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
इस वर्ष 27 मई मंगलवार को शनि जयंती का अत्यंत शुभ और दुर्लभ संयोग बन रहा है, क्योंकि इसी दिन भौमवती अमावस्या भी पड़ रही है। यह अद्भुत योग भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शनि जयंती का यह पर्व इस बार सुकर्मा योग में आ रहा है, जो इसे और भी प्रभावशाली बनाता है। पूरे देशभर के शनि मंदिरों में इस दिन विशेष पूजा-पाठ, अभिषेक, हवन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
उज्जैन के त्रिवेणी क्षेत्र में स्थित प्राचीन नवग्रह शनि मंदिर में मंगलवार को प्रातःकाल से ही विशेष अनुष्ठान प्रारंभ होंगे। मंदिर के पट खुलते ही शनि महाराज का जल, पंचामृत और तेल से अभिषेक कर आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। भक्तों के लिए सुबह से रात तक भंडारे का आयोजन भी होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। दिनभर पूजन के बाद रात्रि में महाआरती का भव्य आयोजन किया जाएगा।
बम्बाखाना नई पेठ क्षेत्र के शनि मंदिर में सुबह 9 बजे अभिषेक और पूजन विधि संपन्न की जाएगी। इसके बाद 11 बजे हवन होगा और दोपहर 12 बजे भगवान शनि देव की जन्म आरती की जाएगी। शाम को विशेष श्रृंगार के साथ भक्तों को दर्शन कराए जाएंगे।
वहीं, ढाबा रोड स्थित शनि मंदिर में तो एकादशी से ही पूजन का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। चौदस को भी पूरे दिन महापूजन हुआ और अब शनि जयंती के दिन विशेष रूप से अभिषेक, श्रृंगार और जन्म आरती का आयोजन होगा। इस मंदिर की खास बात यह है कि यहाँ पर भक्तों को लगभग दो क्विंटल नुकती का प्रसाद वितरण किया जाएगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डब्बावाला ने जानकारी दी कि जिन व्यक्तियों की कुंडली में शनि अशुभ स्थान पर है, या जिन पर साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव चल रहा है, उनके लिए यह दिन विशेष फलदायी है। वे इस दिन शनि महाराज की विशेष पूजा कर, दान-पुण्य और उपाय करके अपने जीवन की बाधाओं को कम कर सकते हैं। शनि जयंती पर काले तिल, काले वस्त्र, लोहे की वस्तुएं और तेल का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।
इस शुभ संयोग में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है, और उज्जैन समेत अनेक नगरों के शनि मंदिरों में विशेष भीड़ की संभावना है। प्रशासन और मंदिर ट्रस्टों ने भी व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।