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उज्जैन में पंचकोशी यात्रा शुरू: महापौर ने नागचन्द्रेश्वर से किया शुभारंभ, 25 हजार श्रद्धालु पहुंचे
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन की पारंपरिक और आस्था से जुड़ी पंचकोशी यात्रा का शुभारंभ 12 अप्रैल से हो गया है। इस अवसर पर महापौर मुकेश टटवाल ने पटनी बाजार स्थित नागचन्द्रेश्वर मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने पवित्र नदियों के जल से भरा कलश हाथ में लेकर श्रद्धालुओं के साथ पैदल यात्रा में भाग लिया। यह यात्रा उज्जैन की धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है, जिसमें हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
यात्रा के प्रारंभ होते ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक रहा। रविवार सुबह तक करीब 25 हजार से अधिक यात्री त्रिवेणी घाट स्थित शनि मंदिर पहुंच चुके थे, जहां स्नान और पूजन के बाद वे अगले पड़ाव की ओर बढ़े। अलग-अलग स्थानों से श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है, जिससे पूरे मार्ग पर भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और मंदिर प्रबंध समिति द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। विभिन्न पड़ावों पर निःशुल्क भोजन, पेयजल, छांव और बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। साथ ही चिकित्सा सेवाओं के लिए मेडिकल टीमों को भी तैनात किया गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने शनिवार रात अधिकारियों के साथ पहले पड़ाव पिंगलेश्वर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिससे यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो सके।
यात्रा के दौरान स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महापौर मुकेश टटवाल ने श्रद्धालुओं को कपड़े के झोले वितरित कर पॉलिथीन का उपयोग न करने की अपील की। उनका कहना है कि धार्मिक आस्था के साथ स्वच्छता का संदेश देना भी उतना ही जरूरी है।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा प्रमुख पड़ावों जैसे श्री कायावरोहणेश्वर महादेव मंदिर और करोहन में निःशुल्क भोजन प्रसादी के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं को शुद्ध और व्यवस्थित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के अनुसार पूरी मुस्तैदी के साथ व्यवस्थाओं का संचालन कर रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे श्रद्धा एवं विश्वास के साथ इस यात्रा को पूर्ण कर सकें।