- महाकाल की नगरी उज्जैन में RSS का ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन अभियान, 65 बस्तियों में एक साथ आयोजन का लक्ष्य
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महाकाल की नगरी उज्जैन में RSS का ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन अभियान, 65 बस्तियों में एक साथ आयोजन का लक्ष्य
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का शताब्दी वर्ष अभियान महाकाल की नगरी उज्जैन में पूरे प्रभाव और व्यापकता के साथ आगे बढ़ रहा है। संघ ने इस अवसर पर उज्जैन शहर की 65 बस्तियों में एक साथ हिंदू सम्मेलन आयोजित करने का ऐतिहासिक लक्ष्य तय किया है, जिसके माध्यम से करीब 2 लाख से अधिक नागरिकों को जोड़ने की योजना है। इसे उज्जैन के सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास के सबसे बड़े जन-संपर्क अभियानों में से एक माना जा रहा है।
यह आयोजन संघ के “हर बस्ती–हर घर” अभियान का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शताब्दी वर्ष 2025–26 के दौरान समाज के प्रत्येक वर्ग तक संघ की विचारधारा, सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरण को पहुंचाना है। इसी कड़ी में उज्जैन की विभिन्न बस्तियों में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रत्येक स्थान पर औसतन 3 हजार से अधिक नागरिकों की सहभागिता देखने को मिल रही है।
अब तक उज्जैन महानगर के 7 प्रमुख स्थानों पर हिंदू सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने भाग लिया। संघ के अनुसार शेष सम्मेलन कार्यक्रम 11 जनवरी 2026 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। हर सम्मेलन में अनुशासन, समयबद्धता और सामाजिक सहभागिता विशेष रूप से देखने को मिल रही है।
इस विशाल आयोजन को सुचारू और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए संघ ने तीन-स्तरीय समिति प्रणाली बनाई है। इसमें उज्जैन महानगर समिति, मंडल (नगर) समिति और प्रत्येक बस्ती की हिंदू जागरण समिति शामिल है। इस संरचना के माध्यम से स्थानीय नेतृत्व को सशक्त किया गया है और आयोजन को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि हर घर तक संपर्क और संवाद स्थापित किया जा सके।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, यह अभियान केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का एक व्यापक प्रयास है। हिंदू सम्मेलनों के अंतर्गत भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक संवाद, सामाजिक विषयों पर चर्चा, शिविर, महाभोज और सामूहिक संवाद सत्र जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य समाज में आपसी समरसता और सहभागिता को बढ़ावा देना है।
स्थानीय नागरिकों में भी इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। उज्जैन, जो पहले से ही अपने धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, वहां संघ के इस अभियान को एक ऐतिहासिक सामाजिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में परिवार, युवा और वरिष्ठ नागरिक इन सम्मेलनों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।
संघ के शताब्दी वर्ष के तहत चल रहे इस अभियान के माध्यम से उज्जैन में 2 लाख से अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि प्रदेश स्तर पर भी एक नया रिकॉर्ड स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह आयोजन आने वाले समय में सामाजिक संगठन और जन-संपर्क अभियानों के लिए एक उदाहरण बन सकता है।