- महाकाल दरबार पहुंचे सुनील शेट्टी, परिवार के साथ शांत माहौल में किए दर्शन; Border-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद
- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
- श्री महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती सम्पन्न: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधि-विधान से हुआ पूजन, राजा स्वरूप में बाबा महाकाल दिए दर्शन!
- उज्जैन में मानवता की मिसाल, शिप्रा आरती के दौरान बिछड़ी बुजुर्ग महिला को उज्जैन पुलिस ने 6 घंटे में ढूंढ निकाला!
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी : आज होगा हरि और हर का मिलन, प्रमुख मंदिरों में सुबह से लगी भक्तों की भीड़
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया :
आज जन्माष्टमी के पावन पर्व पर उज्जैन में भगवान हरि और हर का मिलन होगा। दरअसल, जन्माष्टमी और सोमवार का संयोग होने के कारण भगवान महाकाल की भाद्रपद माह की पहली सवारी निकलेगी। इस दौरान सवारी लौटने के समय भगवान हरि और हर का मिलन होगा। इस अद्भुत क्षण के दर्शन के लिए श्रद्धालु इंतजार में हैं।
वहीँ, उज्जैन के मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्साह देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिर जैसे महाकाल मंदिर, गोपाल मंदिर, सांदीपनि आश्रम और इस्कॉन मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर भक्तों की भीड़ सुबह से जुटना शुरू हो गई है।
राजस्थान के सीएम भजनलाल और एमपी के सीएम मोहन यादव सहित मंत्री गौतम टेटवाल भी महाकाल मंदिर सहित सांदीपनि और गोपाल मंदिर के दर्शन करेंगे।
भगवान श्री कृष्ण के श्री द्वारकाधीश गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी पर भगवान श्रीद्वारकाधीश केसरिया रंग के वस्त्र धारण करेंगे। मंदिर के मुख्य पुजारी के अनुसार, भगवान के शृंगार का निर्माण करने वाले दर्शन कुमरवात की टीम ने भगवान के सभी शृंगार की सामग्री को विभिन्न स्थानों से मंगवाई है। इनमें भगवान का मुकुट और जेवर राजकोट से लाए गए है। वहीं माता रुक्मिणी की साड़ी बनारस से मंगवाई गई है। इसी तरह भगवान के शंख, चक्र, गदा, पद्म का निर्माण नाथद्वार से लाई सामग्री से हो रहा है।
गोपाल मंदिर में संध्या आरती के पश्चात भगवान गोपाल जी का महाभिषेक किया जाएगा। रात्रि करीब 10 बजे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मंदिर पहुंचकर भगवान का पूजन करेंगे । वही 12 बजे जन्म आरती होगी। आरती के बाद ही रात्रि दो बजे तक भक्तों को दर्शन होगें।