सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से लगेगा मलमास, विवाह-गृहप्रवेश पर एक माह की रोक; इसी अवधि में आएंगे चैत्र नवरात्र

उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:

14 मार्च की रात सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ एक विशेष धार्मिक अवधि की शुरुआत होने जा रही है। जब सूर्य कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, तभी से मलमास प्रारंभ माना जाएगा। यह काल लगभग एक महीने तक रहेगा और 14 अप्रैल की सुबह समाप्त होगा।

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। इसलिए इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञोपवित और मुंडन जैसे संस्कार नहीं किए जाते। हालांकि इस समय को धार्मिक साधना, दान-पुण्य और पूजा-पाठ के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

रात 11:59 बजे होगा सूर्य का राशि परिवर्तन

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक 14 मार्च की रात 11 बजकर 59 मिनट पर सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इस खगोलीय घटना को मीन संक्रांति कहा जाता है। सूर्य का यह गोचर लगभग एक महीने तक रहेगा और इसी अवधि को मलमास के रूप में जाना जाता है।

ग्रहों की खास स्थिति बनेगी

जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे, उस समय शुक्र और शनि पहले से ही इस राशि में मौजूद होंगे। इस वजह से कुछ समय के लिए तीन ग्रहों का एक साथ आना यानी त्रिग्रही योग बनेगा। इसके बाद कुछ दिनों तक सूर्य और शनि की युति भी बनी रहेगी, जिसे ज्योतिष के अनुसार विशेष प्रभाव वाला संयोग माना जाता है।

इसी अवधि में आएंगे चैत्र नवरात्र

मलमास के दौरान ही चैत्र नवरात्र का पर्व भी मनाया जाएगा। इस वर्ष नवरात्र 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक रहेंगे। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत-उपवास रखकर देवी की आराधना करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय भले ही मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त न माना जाए, लेकिन पूजा, भक्ति और आध्यात्मिक साधना के लिए इसे अत्यंत फलदायी काल माना जाता है।

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