Ujjain: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रखी ‘वीर भारत संग्रहालय’ की नींव, सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा होगा निर्माण; भारत के महानायकों की गाथा संजोएगा उज्जैन का ‘वीर भारत संग्रहालय’

उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:

उज्जैन, एक ऐसा नगर जिसकी गाथाएं इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हैं, जहां प्रत्येक पत्थर किसी न किसी वीरता की कथा कहता है। इसी महान नगरी में रविवार को कोठी महल में “वीर भारत संग्रहालय” की आधारशिला रखी गई। इस भव्य परियोजना का भूमि पूजन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ, जिसमें केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अर्जुनराम मेघवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित विक्रमोत्सव 2025 के अंतर्गत इस संग्रहालय की परिकल्पना को मूर्त रूप दिया गया है। सम्राट विक्रमादित्य, उनके युग, भारत उत्कर्ष, नवजागरण और भारतीय संस्कृति को समर्पित यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। भूमि पूजन का यह अवसर विक्रम संवत, भारतीय नववर्ष अभिनंदन और सृष्टि आरंभ दिवस – वर्ष प्रतिपदा के विशेष दिन पर रखा गया, जिससे इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता और बढ़ गई।

इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “उज्जैन का इतिहास अत्यंत प्राचीन है, जो हर कल्प में अपनी एक विशिष्ट पहचान रखता है। इस भूमि से जुड़ी गौरवशाली घटनाएं और महापुरुषों की शौर्यगाथाएं हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। यह संग्रहालय भारत के अतीत, उसकी संस्कृति, वीरता और गौरवशाली परंपराओं को जीवंत रूप में प्रदर्शित करेगा। यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भारत के स्वर्णिम इतिहास का दर्पण होगा।”

उन्होंने बताया कि इस संग्रहालय का निर्माण लगभग ₹20 करोड़ की लागत से किया जाएगा और यदि आवश्यक हुआ तो सरकार अतिरिक्त राशि भी प्रदान करेगी।

संग्रहालय का निर्माण सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करने का निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वीर भारत संग्रहालय को 2028 के सिंहस्थ से पहले पूर्ण कर लिया जाए, ताकि यह वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सके। यह संग्रहालय न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय होगा।

इस कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित अतिथियों ने भाग लिया, जिनमें शामिल थे सांसद उज्जैन-आलोट संसदीय क्षेत्र अनिल फिरोजिया, सांसद राज्यसभा बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक उज्जैन-उत्तर अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर नगर पालिक निगम मुकेश टटवाल, निगम अध्यक्ष नगर पालिक निगम कलावती यादव, संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला । कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित चंदन व्यास एवं उनके दल द्वारा स्वस्ति पाठ से हुआ। इसके पश्चात वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव तिवारी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला।

श्रीराम तिवारी ने अपने स्वागत वक्तव्य में कहा कि यह संग्रहालय न केवल वीरों की गाथा को जीवंत करेगा, बल्कि यह भारत की संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली इतिहास को भी आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाने का एक माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा, “भारत के गौरवशाली और पराक्रमी अतीत से परिचित होना और उससे प्रेरणा लेना हमारे समय की अनिवार्य आवश्यकता है। यह संग्रहालय राष्ट्र की तेजस्विता और पराक्रम के विभिन्न आयामों को व्यापक रूप से प्रस्तुत करेगा।” अंत में, इस कार्यक्रम के दौरान वीर भारत संग्रहालय की रूपरेखा पर आधारित एक विशेष फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिससे इस भव्य परियोजना की झलक प्रस्तुत की गई। अतिथियों ने कोठी महल का अवलोकन किया और इस ऐतिहासिक पहल के लिए आयोजकों को शुभकामनाएँ दीं।

संग्रहालय में संजोया जाएगा भारत का समग्र इतिहास

इस संग्रहालय में भारत के ऐतिहासिक कालखंडों को एक व्यापक परिप्रेक्ष्य में प्रदर्शित किया जाएगा। यह संग्रहालय विभिन्न युगों और महान व्यक्तित्वों के योगदान को रेखांकित करेगा, जिसमें शामिल होंगे:

  • प्रागैतिहासिक एवं पुरापाषाण काल

  • वैदिक और उत्तर वैदिक काल

  • रामायण एवं महाभारत काल

  • गौतम बुद्ध एवं महावीर का युग

  • मौर्य, सातवाहन, गुप्त और चोल साम्राज्य

  • सम्राट विक्रमादित्य और उनका युग

  • भक्ति एवं मध्यकालीन युग

  • भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के शूरवीर

  • आधुनिक भारत के महापुरुष एवं नवजागरण काल

इसके अतिरिक्त, यह संग्रहालय भारत के ऋषियों, मनीषियों, वैज्ञानिकों, खगोलविदों, दार्शनिकों, कवियों, लेखकों, योद्धाओं और उद्यमियों के योगदान को भी उजागर करेगा।

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