- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया रामघाट क्षेत्र का निरीक्षण, कहा— विकास कार्यों का लाभ लंबे समय तक मिलेगा
- उज्जैन में ऑनलाइन जुड़ा देश, मोनी तीर्थ आश्रम में हुआ “विशेष श्री बालाजी सर्व ग्रह दोष शांति यज्ञ”; हर्षानंद और संतों ने दी आहुतियां
- पीएम की अपील और सीएम के निर्देश के बाद उज्जैन प्रशासन की नई पहल, अब एक ही वाहन से सिंहस्थ निरीक्षण पर निकल रहे अधिकारी
- महाकाल की नगरी में भक्ति का महासागर: शेषनाग मुकुट और मुण्ड माला में नजर आए बाबा महाकाल
- बाबा महाकाल की शरण में पहुंचीं अभिनेत्री तमन्ना भाटिया, भस्म आरती में हुईं शामिल
दशहरे पर भी भीग सकता है उज्जैन! सितंबर के आखिरी हफ्ते में औसतन 6.1 मिमी बारिश, खाचरौद टॉप पर…
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
सितंबर का आखिरी हफ्ता खत्म होने को है, लेकिन अभी तक मानसून विदा नहीं हो पाया है। मौसम विभाग का कहना है कि 1 अक्टूबर से प्रदेश में नया सिस्टम एक्टिव होने जा रहा है, जिसके कारण दशहरे के दिन भी कई जिलों में बारिश की संभावना है। दक्षिण और पूर्वी हिस्सों पर इसका ज्यादा असर रहेगा।
उज्जैन जिले में फिर हुई बारिश
पिछले 24 घंटे में उज्जैन जिले में औसतन 6.1 मिमी बारिश दर्ज की गई।
-
खाचरौद में सबसे ज्यादा 19 मिमी
-
नागदा में 9 मिमी
-
महिदपुर में 7 मिमी
-
तराना में 5 मिमी
-
घट्टिया, झारड़ा, माकड़ौन और बड़नगर में 2 से 4 मिमी तक बारिश दर्ज हुई।
जिले में 1 जून से अब तक कुल 853.9 मिमी वर्षा हो चुकी है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 40 मिमी ज्यादा है।
दशहरे पर भी बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले चार दिन तक प्रदेश में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। पांचवें दिन से बारिश तेज हो सकती है। यानी दशहरे के दिन भी बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के आसार हैं।
इस साल 122% बारिश दर्ज
मध्यप्रदेश में अब तक औसतन 45.1 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 37.2 इंच होती है। यानी इस बार औसत से लगभग 8 इंच ज्यादा पानी बरसा है।
-
सबसे ज्यादा बारिश गुना (65.6 इंच) में दर्ज हुई है।
-
मंडला और रायसेन में भी 62 इंच से अधिक वर्षा हुई।
-
वहीं, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6), खंडवा (32), बड़वानी (33.5) और धार (33.6) सबसे कम बारिश वाले जिले रहे।
अब विदाई में देरी
आमतौर पर 6 अक्टूबर तक पूरा प्रदेश मानसून से मुक्त हो जाता है, लेकिन इस बार विदाई की तारीख आगे खिसक सकती है। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अभी परिस्थितियाँ अनुकूल नहीं हैं।