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उज्जैन मुहर्रम विवाद: विधायक रामेश्वर शर्मा की चेतावनी, बोले – “बाबा साहब का संविधान हाथ में लेकर गुंडागर्दी की तो हाथ-पैर दुरुस्त कर देंगे”!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्य प्रदेश के उज्जैन में मुहर्रम के जुलूस के दौरान हुए हंगामे ने प्रदेश की राजनीति और सामाजिक माहौल दोनों में हलचल पैदा कर दी है। घटना के बाद बीजेपी के कट्टरपंथी विधायक रामेश्वर शर्मा ने बेहद तीखे और चेतावनी भरे शब्दों में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि जो लोग बाबा साहब अंबेडकर के संविधान को हाथ में लेकर गुंडागर्दी या षड्यंत्र करेंगे, उनके हाथ-पैर दुरुस्त कर दिए जाएंगे, ताकि भविष्य में वे पुलिस या कानून के डर से कोई अपराध न कर सकें।
विधायक शर्मा ने उज्जैन की घटना पर बोलते हुए कहा, “उज्जैन में जो हुआ है, वह सरकार ने देख लिया और सख्त कार्रवाई भी की है। अब लोग आतंकवाद और गुंडागर्दी भूल जाएंगे।” उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ 307 (हत्या के प्रयास) सहित मर्डर केस जैसी गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को चिन्हित कर लिया है और अब कानून के हिसाब से सख्ती से कार्रवाई होगी।
रामेश्वर शर्मा ने आगे कहा कि, “देशभर में लोग खुशी से ईद और मुहर्रम मनाएं, लेकिन इसके लिए प्रशासन की अनुमति और निर्धारित रूट का पालन करना जरूरी है। अगर कोई बाबा साहब अंबेडकर के संविधान को हाथ में लेकर, उसका गलत अर्थ लगाकर हिंदू समाज की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेगा, तो यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उज्जैन में जो घटना घटी है, उसे उदाहरण मानकर सरकार ने सख्त एक्शन लिया है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक आयोजन को लेकर प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करना सबकी जिम्मेदारी है।
दरअसल, रविवार रात उज्जैन में मुहर्रम का जुलूस जब खजूरवाड़ी मस्जिद के पास पहुंचा, तो कुछ लोगों ने पुलिस द्वारा बनाए गए निर्धारित रूट की अनदेखी करते हुए बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया। जुलूस में शामिल लोगों ने प्रतीकात्मक घोड़े को बैरिकेड के भीतर ले जाने की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। हालात तब ज्यादा बिगड़े जब बैरिकेड गिरने से दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।
इस घटना ने उज्जैन में तनाव का माहौल बना दिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आयोजक पर एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान भी की जा रही है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि उज्जैन में मोहर्रम को लेकर पिछले 10 दिनों से आयोजकों के साथ बैठक कर रूट और अनुशासन की जानकारी दी गई थी। सभी ने उस पर सहमति भी जताई थी, लेकिन बाद में नियमों की अवहेलना की गई।