जापान से उज्जैन लौटी 8 साल की बच्ची पॉजिटिव, कोरोना से बचने मुंबई से बड़े भाई के घर आए बुजुर्ग भी संक्रमित

कोरोना का संक्रमण जापान और मुंबई से भी शहर में पहुंचा है। महानंदा नगर क्षेत्र में रहने वाली 8 साल की बालिका जापान टोक्यो में रहने वाली अपनी मौसी के यहां गई थी और लॉकडाउन के चलते उसे वहीं पर रुकना पड़ा था। वह नाना-नानी के साथ में गई थी। वापस लौटी तो संक्रमित पाई गई। मुंबई में रहने वाले 66 साल के बुजुर्ग अपने बड़े भाई के घर दानीगेट आए थे, उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। मुंबई में संक्रमण तेजी से फैल रहा है जिसके चलते वहां से लोग इधर-उधर पहुंच रहे हैं। उज्जैन जिले में 4 दिन में 45 पॉजिटिव मिले हैं। अगस्त में संक्रमण पीक पर होगा। प्रशासन ने इस स्थिति के लिए भी चार हजार बेड की व्यवस्था की है।

इधर, महानंदा नगर में रहने वाले 28 साल के युवक में भी संक्रमण पाया गया है। वह बिग बाजार में कार्य करता है लेकिन रोस्टर ड्यूटी के चलते पिछले 7 दिन से बिग बाजार नहीं जा रहा था। हालांकि टीम द्वारा अन्य कर्मचारियों के सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इनके सहित शुक्रवार को महानंदा नगर, मालीपुरा, दानी गेट व अंकपात मार्ग के मरीज सहित 12 संक्रमित पाए हैं। सीएमएचओ डॉ. महावीर खंडेलवाल ने बताया 524 लोगों की रिपोर्ट आई है। इनमें 12 मरीज संक्रमित पाए हैं। मरीजों की संख्या बढ़कर 954 हो गई है। शहर के 11 व तराना का एक मरीज पॉजिटिव मिला। वृंदावन धाम के 50 साल के बुजुर्ग, शास्त्री नगर के 36 साल के युवक, बागपुरा के 59 साल के बुजुर्ग, वृंदावन धाम के 82 साल के बुजुर्ग, रतन एवेन्यू के 32 साल के युवक, तराना के 24 साल के युवक, आर्य समाज मार्ग के 39 साल के युवक, अंकपात मार्ग के 72 साल के बुजुर्ग व मालीपुरा के 67 साल के बुजुर्ग में संक्रमण पाया गया है।

 

एंटीवायरल की नई दवाइयों से तेजी से बढ़ी इम्युनिटी, रिकवरी रेट 84.71 % पर पहुंचा

कोरोना मरीजों की उज्जैन में संक्रमण दर बढ़ी है लेकिन मृत्यु दर घटी है। पिछले 20 दिन के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 20 दिन में एक मरीज की मौत हुई है। इसकी बड़ी वजह एंटीवायरल की नई दवाइयां आने और मरीजों की इम्युनिटी पाॅवर बढ़ना है। मरीजों में रिकवरी का समय भी कम हुआ है, 8 से 10 दिन में मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। किडनी, डायबिटीज, अस्थमा व कैंसर तथा हार्ट के मरीजों में जरूर 15 से 20 दिन या 25 दिन तक का समय लग रहा है। पिछले 20 दिनों में नए पॉजिटिव मरीज 86 पाए गए हैं। ग्रीन जोन के नजदीक पहुंचने के बीच अनलॉक में लोगों के कांटेक्ट बढ़ने की वजह से उज्जैन रेड जोन में पहुंच गया। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डॉ. सुधाकर वैद्य ने बताया एंटीवायरल ड्रग रेमडीसीविर सहित अन्य नई दवाइयों के आने, ऑक्सीजन थैरेपी व प्लाज्मा थैरेपी के साथ विटामिन सी, डी व जिंक का फॉर्मूला दिए जाने से मरीजों में रिकवरी होने लगी है। यही वजह है कि मरीजों की मृत्यु दर घटी है, जो 7. 54% है। 28 जून को कुल 70 मरीजों की मौत हुई थी और उसके बाद एक मरीज मौत हुई है।

 

महाकाल के दर पर शिवराज दर्शन कर बोले- कोरोना कंट्रोल, लेकिन खतरा अभी टला नहीं, फिर आने लगे केस

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को उज्जैन पहुंचे। बाबा महाकाल के दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि मप्र में हमने कोरोना को कंट्रोल किया है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। जैसे ही हम लापरवाह हुए, तो केस बढ़ने लगे। इसलिए सजग रहें।

 

एक नजर में संक्रमण की स्थिति

2.82  प्रतिशत संक्रमण दर
7.54   प्रतिशत मृत्यु दर
84.71 प्रतिशत रिकवरी रेट

 

इन गलतियों से बढ़ा संक्रमण

  • अनलॉक में लोगों के कांटेक्ट बढ़ गए।
  • लोग सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने तथा यात्रा पर जाने लगे।
  • प्रोटोकॉल के तहत सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा।
  • हाथ धोने में साबुन का उपयोग कम होने लगा है।
  • गले में मास्क लटका कर लोग घूम रहे हैं।

 

रिकवरी तेज हुई, मृत्युु घटी

अनलॉक में संक्रमण बढ़ा है लेकिन मृत्यु दर पर काफी हद तक कंट्रोल हुआ है। मरीजों में रिकवरी कम समय में हो रही है, इससे मृत्यु दर घटी है। – डॉ.एचपी सोनानिया, नोडल अधिकारी कोविड-19

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