मुंडमाला धारण कर भस्मारती में सजे बाबा महाकाल, वैष्णव तिलक लगाकर ड्रायफ्रूट से भी किया गया श्रृंगार

सार

विस्तार

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वादशी गुरुवार तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया। बाबा महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से कर पूजन अर्चन किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम जल अर्पित किया गया और फिर कपूर आरती की गई। बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट, रुद्राक्ष और पुष्पों की माला धारण करवाई गई। आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि द्वादशी की भस्मआरती में बाबा महाकाल का वैष्णव तिलक लगाकर ड्रायफ्रूट से श्रृंगार किया गया और मुंडमाला धारण करवाई गई। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के  दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।

सफाईकर्मी ने लौटाया दर्शनार्थी का मोबाइल
श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। आज श्री महाकालेश्वर मंदिर में इंदौर से दर्शन के लिए आए दर्शनार्थी प्रवीण अपना आई मोबाइल भगवान श्री महाकालेश्वर को अर्पित करने वाली फूल की डलिया में डालकर मंदिर में ले गए और भूलवश जहां फूल चढ़ाए वहीं अपना मोबाइल भी भूल गए। बाद में उन्हें मोबाइल की याद आई तो इसकी जानकारी मंदिर के कंट्रोल रूम को दी गई। केएसएस सफाईकर्मी धनंजय सांगते द्वारा अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए दर्शनार्थी को उनका मोबाइल लौटा दिया गया।

मंदिर के विकास कार्यों के लिए नगद राशि दान दी
श्री महाकालेश्वर मंदिर में राजस्थान के सुमेरपुर नंदपाल सिंह द्वारा 1 लाख की नगद राशि मंदिर में चल रहे विकास कार्य के लिए दान दी गई। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी द्वारा दानदाता का सम्मान किया गया। 

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