संघ के स्वंयसेवक लगे हुए समाज सेवा में, कर रहे कोरोना गाइड लाइन का पालन

महाकौशल सेवा प्रमुख की कोरोना की वजह से हुई मौत के बाद स्वंयसेवकों को अधिक सतर्कता के निर्देश

उज्जैन में 550 संघ के कार्यकर्ता लोगों की मदद करने में जुटे हैं संघ के माध्यम से 8009 परिवारों को दी गई है अब तक राशन किट

उज्जैन।संघ के सभी कार्यकर्ता गाइडलाइन का पालन करते हुए काम कर रहे हैं। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्वास्थ्य और जिनकी मदद कर रहे हैं उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। क्योंकि यह महामारी किसी को भी चपेट में ले सकती है जो सावधानी ना रखेगा। यह बात आरएसएस के संभागी प्रभारी समीर चौधरी ने कही। वे महाकौशल सेवा प्रभाग प्रमुख योगेंद्र सिंह नेगी जी के निधन को लेकर दुख व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योगी जी का आकस्मिक निधन संघ के लिए बहुत बड़ी क्षति है। संभाग में भोजन सूखा राशन, मास्क सैनिटाइज करना और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा के उपाय करने में संघ के स्वयंसेवक मदद कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश की सीमा पर संघ के सेवा कार्य शुरू हो जाते हैं। बायपास से गुजरने वाले मजदूरों की मदद स्वयंसेवक कर रहे हैं उन्हें जूते, चप्पल देना, भोजन, ठहरने की व्यवस्था जैसी भी आवश्यकता है सभी उपलब्ध कराई जा रही है। इस दौरान स्वयंसेवक शासन निर्देश और गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संघ ने कार्य की दृष्टि से उज्जैन महानगर को छह भागों में बांट रखा है। 550 कार्यकर्ता पीपीई किट पहनकर और सोशल डिस्टेंस रखते हुए लोगों की मदद कर रहे हैं। 8009 परिवारों को कार्यकर्ताओं के माध्यम से राशन किट उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके अलावा 45000 भोजन के पैकेट और 16 हजार मास्क बांटे गए।

 

नर्मदा के बैक वाटर में स्वयंसेवक पहुंचे थे प्रशासन से पहले

बड़वानी इलाके में नर्मदा के बैक बॉटर में लोगों को मदद नहीं मिल पा रही थी जब इसकी जानकारी संघ के सदस्यों को लगी तो वे सबसे पहले उस इलाके में पहुंचे और वहां के स्थानीय लोगों की मदद की। वहां पर प्रशासन पहुंचा।

 

10000 स्वयंसेवकों ने मदद करके रिकॉर्ड बनाया

समीर चौधरी ने बताया कि मुंबई और पुणे में स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ जांच करने में मदद की। करीब एक लाख लोगों की जांच इस दौरान की गई। यहां 37 लाख लोगों तक राशन पहुंचाया गया है। मुंबई में आरएसएस ने मुंबईकरों के साथ मिलकर वन वीक फार नेशन मुहिम शुरू की है। ताकि कोरोना संक्रमित लोगों की मदद की जा सके। इस दौरान 10000 स्वंय सेवकों ने मदद करके एक रिकॉर्ड बनाया है।

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