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इस बार दो दिन नहीं एक दिन ही जन्माष्टटमी
अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन. अमुमन हर वर्ष जन्माष्टमी दो दिनों तक मनाई जाती रही है, लेकिन ज्योतिषियों की यदि माने तो इस बार एक ही दिन 23 अगस्त को यह त्योहार मनाना शास्त्रसम्मत होगा।
ज्योर्तिविद् पंडित आनंदशंकर व्यास ने बताया कि शास्त्रोक्त रूप से 23 अगस्त को ही जन्माष्टमी है और इस दिन ही श्रद्धालुओं को मध्य रात में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाना चाहिए। हालांकि पंडित व्यास का यह भी कहना है कि पुष्टिमार्गीय अर्थात वैष्णव संप्रदाय अगले दिन 24 अगस्त को जन्माष्टमी मनाएंगे। बावजूद इसके यदि 23 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाती है तो शास्त्रसम्मत रूप से पुण्यफल की अधिक प्राप्ति होगी।