- महाकाल मंदिर का नंदी हॉल बदलेगा रूप, 20 लाख की लागत से होगा सौंदर्यीकरण; सावन से पहले पूरा करने की तैयारी
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच
- शनिचरी अमावस्या पर उज्जैन के शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल चढ़ा; घाटों से हटाए गए कपड़े और जूते-चप्पल
- “मैं पापा के साथ जाऊंगा…”: उज्जैन कोर्ट में मासूम की जिद के बाद पिता संग भैरवगढ़ जेल पहुंचा 4 साल का बच्चा
- बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम, कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत खिलाड़ियों ने भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
उज्जैन:सेनेटाइजेशन कराना है तो देना होगा शुल्क
इंदौर-भोपाल की तर्ज पर उज्जैन नगर निगम में भी तैयार हो रहा प्रस्ताव
लॉकडाउन के दौरान शहर के वार्डों में नगर निगम द्वारा मुफ्त में घरों पर केमिकल का छिड़काव कराकर सेनेटराइजेशन किया गया था अब अनलॉक 1.0 लागू हो चुका है ऐसे घरों, दुकानों और अन्य संस्थानों से सेनेटराइजेशन की डिमांड बड़ी संख्या में आने लगी हैं, जबकि नगर निगम के पास इसका बजट नहीं है। इस कारण अब इंदौर-भोपाल की तर्ज पर नगर निगम द्वारा सेनेटराइजेशन शुल्क लोगों से
वसूल करने का प्रस्ताव तैयार
किया गया है।
इंदौर में इस तरह लग रहा शुल्क
इंदौर ननि द्वारा शासकीय, अद्र्धशासकीय, निजी कार्यालय, आवासीय परिसर, भवन, धार्मिक स्थल, धर्मशाला, मैरीज गार्डन इत्यादि स्थलों पर सशुल्क सेनेटराइजेशन शुरू किया गया है जिसके अंतर्गत 10 पैसे प्रति वर्गफीट एवं न्यूनतम 500 रुपये व 15 पैसे प्रति वर्गफीट एवं न्यूनतम 800 रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
बजट का अभाव, नि:शुल्क सुविधा संभव नहीं
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने अक्षर विश्व को बताया कि लॉकडाउन के दौरान शहर के 54 वार्डों में सेनेटराइजेशन कराया गया इसके अलावा कोरोना कंटेनमेंट क्षेत्र में भी लगातार सेनेटाइराजेशन नगर निगम द्वारा कराया जाता था। वर्तमान में अनलॉक 1.0 लागू हो चुका है ऐसे में अनेक कार्यालय, संस्थान, धार्मिक स्थल, दुकानें खुल चुकी हैं जहां से बड़ी मात्रा में लोगों द्वारा सेनेटाइराजेशन की डिमांड आ रही है, जो कि वर्तमान परिस्थितियों में आर्थिक तौर पर संभव नहीं है। आयुक्त सिंघल के अनुसार इंदौर व भोपाल नगर निगम द्वारा सेनेटराइजेशन शुल्क की व्यवस्था पहले ही लागू कर दी गई है। उसी के अनुसार उज्जैन नगर निगम द्वारा भी प्रस्ताव तैयार किया गया है जिसके पास होने के बाद डिमांड आने पर शहरवासियों को सशुल्क सेनेटाइजेशन की सुविधा दी जाएगी।