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उज्जैन अस्पताल में हंगामा:मां की मौत के बाद बेटियों ने दिया धरना; पहले पॉजिटिव बताया
उज्जैन का माधव नगर अस्पताल नित नए विवादों के लिए चर्चा में आ रहा है। एक महिला को कोरोना पॉजिटिव बताकर एक लाख रुपए से अधिक रेमडेसिविर इंजेक्शन बुलवाए गए। सोमवार रात में महिला की मौत हो गई। परिवार वालों को शव देते समय रिपोर्ट निगेटिव बताई गई। इससे आक्रोशित महिला की तीन बेटियां धरने पर बैठ गई। एक बेटी ने कहा हमसे इतने महंगे इंजेक्शन एक लाख रुपए के बुलवाए गए, उनका क्या किया… बेच दिए क्या। हंगामे के बीच एसडीएम पहुंचे और मामले को शांत कराया।
उज्जैन सेल टैक्स विभाग में क्लर्क के पद पर काम करने वाली 41 वर्षीय कृष्णा वासेन को सांस लेने में दिक्कत हुई तो उन्होंने 12 अप्रैल को जांच कराई। जिसमें उनके लंग्स में इंफेक्शन के साथ-साथ कोरोना पॉजिटिव पाई गई। इंफेक्शन के ज्यादा होने की वजह से माधव नगर अस्पताल में भर्ती कराया गया। छह रेमडेसिविर इंजेक्शन भी लगाये गए। कृष्णा की तीन बेटियां है संजना, अंजलि और प्रिया। पिता का साया पहले ही बेटियों के सिर से उठ चुका है। मंगलवार सुबह अस्पताल प्रबंधन ने कृष्णा के परिवार को खबर की तो कहा गया कि आपकी मां की डेथ बाडी आप ले जाओ वो निगेटिव थी। इस पर से परिवार वाले नाराज हो गए और तीनो बेटियों के साथ अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए।
एक बेटी ने आरोप लगाया कि रेमडेसिविर के 6 इंजेक्शन उज्जैन की अलग-अलग दुकानों से खरीद कर दिए। जो करीब एक लाख रुपए के आसपास में मिले। पहले दो डोज 25 हजार में बाद में कोई 13 और कोई 17 हजार में मिला। इसके बाद भी हमारी मां को बचाया नहीं जा सका। अब अस्पताल के डॉक्टर कह रहे है कि आपकी मां निगेटिव थी। बेटी ने कहा कि इतने महंगे इंजेक्शन लगने के बाद भी मां को बचाया नहीं जा सका। इन्होंने इंजेक्शन बेच दिए क्या। इससे नाराज होकर परिवार वालों के साथ तीनों बेटियां धरने पर बैठ गई। इस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए उज्जैन कलेक्टर ने एसडीएम अभिषेक वर्मा को भेज कर पुरे मामले को शांत करवाया। इसके परिजन को पॉजिटिव रिपोर्ट सौंपने की बात कही।
उज्जैन कलेक्टर को जिस हंगामे की सुचना मिलने पर उन्होंने माधव नगर अस्पताल में मौजूद एसडीएम अभिषेक वर्मा को मामले की जानकारी लेने को कहा। कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि मरीजों के साथ डॉक्टर ऐसा क्यों कर रहे है मैं दिखवाऊंगा। ऐसे मामले पहले भी मेरे पास आए है।