- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 01-08-2026
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 31-07-2026
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 30-07-2026
- महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में अब मिलेगा दक्षिण भारतीय प्रसाद, श्रद्धालुओं के लिए शुरू हुई विशेष सात्विक भोजन व्यवस्था
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 29-07-2026
उज्जैन में बनेगा देश का पहला उल्लू संरक्षण पार्क, ये हैं रोचक फैक्ट्स
उज्जैन. देवास रोड स्थित रमणीय स्थल हामूखेड़ी टेकरी को देश के पहले उल्लू संरक्षण पार्क के तौर पर विकसित किया जाएगा। 20 हजार से अधिक पेड़-पौधों से आच्छादित इस पहाड़ी को घने जंगल में परिवर्तित करने के लिए और पौधरोपण किए जाने की योजना है। ताकि उल्लू पक्षी के अनुरूप माहौल तैयार किया जा सके।
20 हजार पौधे रोपे गए
शहर के समीप हामूखेड़ी टेकरी पर बीते 5 वर्ष में करीब 20 हजार पौधे रोपे गए, जिसके चलते बंजर सी दिखने वाली यह पहाड़ी हरे-भरे जंगल में परिवर्तित हो गई है। इस पहाड़ी की खास बात ये है कि यहां उल्लूओं की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। पूर्व में यहां 2 से 3 उल्लू थे, जबकि दो साल के भीतर इनकी संख्या एक दर्जन से अधिक पहुंच गई है। डिप्टी रेंजर उदयराज पंवार ने बताया कि उल्लूओं का मन पसंद भोजन चूहे यहां बहुतायत में है, जिसकी वजह से यह संख्या बढ़ी है। वनकर्मी जोगेंद्र जाटवा ने बताया उल्लू पक्षी एकांत पसंद प्रजाति है। मंदिर से निकलने वाले फूल, चढ़ावे को जहां फेंका जाता है वहां चूहे पाए जाते हैं। अधिकांश मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। जिस वजह से उल्लूओं का जमावड़ा नहीं हो पाता। हामूखेड़ी टेकरी स्थित माता मंदिर पर अवकाश के दिन श्रद्धालु आते हैं। अधिकांश समय यहां सन्नाटा रहता है, जिसके चलते यह संख्या बढ़ रही है।