- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया रामघाट क्षेत्र का निरीक्षण, कहा— विकास कार्यों का लाभ लंबे समय तक मिलेगा
- उज्जैन में ऑनलाइन जुड़ा देश, मोनी तीर्थ आश्रम में हुआ “विशेष श्री बालाजी सर्व ग्रह दोष शांति यज्ञ”; हर्षानंद और संतों ने दी आहुतियां
- पीएम की अपील और सीएम के निर्देश के बाद उज्जैन प्रशासन की नई पहल, अब एक ही वाहन से सिंहस्थ निरीक्षण पर निकल रहे अधिकारी
- महाकाल की नगरी में भक्ति का महासागर: शेषनाग मुकुट और मुण्ड माला में नजर आए बाबा महाकाल
- बाबा महाकाल की शरण में पहुंचीं अभिनेत्री तमन्ना भाटिया, भस्म आरती में हुईं शामिल
उज्जैन शहर के नागरिकों ने बनाया स्वच्छता की रैंकिंग में नंबर वन
उज्जैन।स्वच्छता सर्वे में शहर को स्वच्छता की रैंकिंग में नंबर वन बनाने में नागरिकों के फीडबैक का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अब सभी की जिम्मेदारी है कि 2022 में शहर को इंदौर की प्रतिस्पर्धा में खड़ा किया जा सकें। स्वच्छता सर्वे 2021 में उज्जैन को दो अवार्ड मिले है।
स्वच्छता सर्वे में देश के 4320 शहरों के बीच हुए स्वच्छता सर्वे में शहर ने छलांग लगाते हुए नंबर एक की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। इस दिशा में सबसे बड़ा योगदान शहर के नागरिकों का है। स्वच्छता रैंकिंग में शहर को देश में पहला स्थान नागरिक फीडबैक में ही मिला है। देश के बाकी शहरों में नागरिकों की भागीदारी हमसे कम रही। शहर के नागरिकों ने सिटीजन फीडबैक में शहर को देश में एक नंबर पर ला दिया।
शहर के 93.83 फीसदी नागरिकों ने स्वच्छता सर्वे के दौरान पूछे गए 7 सवालों के सही जवाब दिए। इन सात सवालों में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नागरिकों की संतुष्टि जानी गई थी। हमारे नागरिकों ने स्वच्छता टीम को जो जवाब दिए उसके आधार पर शहर देश में इस कैटेगरी में देश में अव्वल हो गया। देश के 4320 शहरों के बीच हुए स्वच्छता सर्वे में शहर ने छलांग लगाते हुए नंबर एक की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।नागरिकों ने स्वच्छता टीम के सवालों के जवाब ही सही नहीं दिए, बल्कि स्वच्छता के मापदंडों को भी पूरी तरह अपनाया। इसमें सूखा, गीला कचरा अलग रखने, सड़कों पर कचरा नहीं डालने, कचरे से खाद बनाने में सबसे ज्यादा भागीदारी निभाई। ओवर ऑल रैंकिंग में शहर ने पूरे भारत में 10वां स्थान पाया है।
नई कैटेगरी में आईटी पर काम, सर्वे
स्वच्छता सर्वे 2022 में आईटी इनिशिएटिव कैटेगरी को आगामी सर्वे में शामिल किया गया है। नगर निगम कचरा संग्रहण वाहनों को जीपीएस से मॉनीटर कर रहा हैं। अब अन्य वाहनों को भी ऑटो मोड में लाना होगा। इसमें ट्रेंचिंग ग्राउंड पर लोडिंग-अनलोडिंग, सेग्रीगेशन प्रोसेस की प्रक्रिया को भी आईटी से जोड़ा जाएगा।
नंबर वन के लिए यह करना होगा–
सफाई व्यवस्था सुधारने में रचनात्मक भागीदारी करें।
कम से कम कचरा उत्पन्न करें, गीला-सूखा कचरा अलग रखें।
धर्मस्थल, दर्शनीय स्थल, सार्वजनिक स्थल पर कचरा न डालें।
निगम कचरे को ज्यादा से ज्यादा रिसाइकिल करे।