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ऊर्जा मंत्री की पहल पर उपभोक्ताओं को मिलने लगे हिन्दी में प्रिंट किए हुए बिल
उज्जैन | प्रदेश के ऊर्जा मंत्री पारस जैन की पहल पर अब बिजली के बिल हिन्दी में मिलना शुरू हो गये है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को काफी सहुलियत हो गई है। प्रदेश के जिन जिलों में अभी तक अंग्रेजी भाषा में बिजली के पहुंचाये जा रहे थे। वहंा पर भी शीघ्र ही हिन्दी में बिल पहुंचाये जाएगे। इससे ना केवल मातृ भाषा एवं राष्ट्रीय भाषा हिन्दी को बढ़ावा मिलेगा। वहीं लोगों पढऩे में सहुलियत हो जाएगी।ग्रामीण क्षेत्र में लोग थोड़ी बहुत हिन्दी जानते हैं अभी तक अंग्रेजी भाषा में बिजली के बिल मिलने के कारण उन्हें काफी दिक्कत होती थी। कई बार तो यह नहीं समझ पाते थे कि बिल में किस किस मद में कितनी राशि जोड़ी गई है। इसके के चलते कई बार बिल भरने के दौरान उनकी बिजली विभाग के कर्मचारियों से विवाद की स्थिति भी निर्मित हो जाती थी। पारस जैन को जब से ऊर्जा विभाग की कमान दी गई उसके बाद उन्होंने इस बात को महसूस किया कि अंग्रेजी के बजाय हिन्दी में बिल भिजवाना चाहिए लेकिन उस दौरान बिल छपाने के टेंडर हो चुके थे। इसके बाद अब हिन्दी में बिजली के बिल छपवाने के टेंडर दिये गये है। जिले के कुछ क्षेत्रों में हिन्दी में बिल मिलना शुरू हो गये है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी शीघ्र ही अंग्रेजी के बजाय हिन्दी में बिल मिलेंगे।
बिल को समझने में होगी आसानी
ऊर्जा मंत्री पारस जैन ने इस संबंध में पूर्व में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को भी अवगत कराया था। जिस पर उन्होंने हिन्दी में बिल छपवाने की सहमति प्रदान कर दी थी। अब हिन्दी में बिल मिलने से लोगों को ना केवल बिल को समझने में आसानी रहेगी। बल्कि हिन्दी भाषा को बढ़ावा देने में यह एक कारगर कदम हैं।ऊर्जा मंत्री का प्रभार संभालने के बाद हिन्दी में बिल छपवाने का विचार किया था लेकिन उस दौरान टेंडर हो गये थे। लेकिन अब हिन्दी में बिल छपवाने का टेंडर जारी किया गया है। लोगों को कई क्षेत्रों में हिन्दी में बिल मिलना शुरू हो गए है।