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कर्मकांड के लिए आने वालों को घेर लेते हैं ये…फिर कर देते हैं वारदातें…
उज्जैन. धार्मिक नगरी में लॉक डाउन खुलने के बाद दूसरे शहरों से कर्म कांड के लिए लोग आने लगे हैं। रामघाट की स्थिति यह है कि यहां भिखारियों का जमघट लगा रहता है। भिक्षुकों के बच्चों की भरमार देखी जा सकती है। आए दिन इनके विवाद यात्रियों से होते रहते हैं। इनके गंदे रहन-सहन और नशेबाजी के कारण सामान्य लोगों को संक्रमण का खतरा हरदम बना रहता है। इतना ही नहीं, यहां आए वाहनों पर बैठना, उनके आसपास गुटका-पाउच थूकना जैसे काम भी ये भिक्षुक करते हैं।
न तो मास्क पहनते हैं, न ही कभी ब्रश करते
यदि मना करें, तो गाली-गलौच पर उतर आते हैं। बच्चे भी इतने शैतान है, कि स्नान करने वालों के बैग, मोबाइल, कपड़े, जूते-चप्पल आदि पलक झपकते ही उड़ा देते हैं। न तो मास्क पहनते हैं, न ही कभी ब्रश करते हैं। गंदे मैले कपड़ों से बदबू फैलाते हुए ये लोगों को छूते हैं, उनके करीब जाते हैं। इतना ही नहीं घाट पर पंडे भी अपने यजमानों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते। यहां यदि कोई संक्रमित आ गया, तो शहर में बड़ा कोरोना बम फूट सकता है।
प्रतिबंध के बावजूद कर रहे मुंडन
रामघाट पर प्रशासन द्वारा मुंडन कराने पर प्रतिबंध लगाया है। लेकिन बाहर से आने वाले लोग यहां पिंडदान के साथ ही मुंडन भी कराते हैं, वही बाल नदी में बहा दिए जाते हैं। इससे नदी प्रदूषित और संक्रमित हो रही है। यहां तैनात पुलिस बल भी यह सब होते देखता रहता है, बस माइक से प्रसारण भर कर इतिश्री कर ली जाती है।