- महाकाल मंदिर का नंदी हॉल बदलेगा रूप, 20 लाख की लागत से होगा सौंदर्यीकरण; सावन से पहले पूरा करने की तैयारी
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच
- शनिचरी अमावस्या पर उज्जैन के शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल चढ़ा; घाटों से हटाए गए कपड़े और जूते-चप्पल
- “मैं पापा के साथ जाऊंगा…”: उज्जैन कोर्ट में मासूम की जिद के बाद पिता संग भैरवगढ़ जेल पहुंचा 4 साल का बच्चा
- बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम, कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत खिलाड़ियों ने भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
कालिदास समारोह:रामघाट पर कलश पूजन, महाकाल को प्रणाम कर निकाली कलश यात्रा
15 नवंबर से शुरू हो रहे अखिल भारतीय कालिदास समारोह के एक दिन पहले रविवार को परम्परागत कलश यात्रा निकाली गई। शिप्रा नदी के किनारे रामघाट पर कलशपूजन किया गया। कोरोना गाइडलाइन के चलते कलश यात्रा का मार्ग छोटा ही रखा गया था।
कालिदास समारोह के पहले निकलने वाली कलश यात्रा पिछले साल नहीं निकाली गई थी। इस बार भी कोरोना गाइडलाइन के चलते इसका रूट छोटा ही रखा गया। शिप्रा नदी के किनारे रामघाट पर मंगल कलश का पूजन किया गया। और भगवान महाकाल के दर्शन कर कालिदास अकादमी परिसर में कलश की स्थापना की गई।
कलश पूजन के बाद मालवी लोक कलाकारों ने ढोल और झांझ की थाप नृत्य करते हुए शहर में यात्रा निकाली। कलश यात्रा का उद्देश्य उज्जैन शहर के लोगों को अखिल भारतीय कालिदास समारोह में निमंत्रण देने के लिए भी होता है। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह आकर्षक रंगोलियां भी बनाई गई।
इस अवसर पर विधायक पारस जैन, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडे, रूप पमनानी, अकादमी के प्रभारी निदेशक डॉक्टर संतोष पंड्या सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासकीय अधिकारी, समाजसेवी मौजूद थे। सोमवार 15 नवंबर से सात दिवसीय अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ होगा। समारोह में देशभर के कला, संस्कृति और साहित्य से जुड़े कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।