- महाकाल लोक में फायर सेफ्टी ट्रेनिंग: सुरक्षाकर्मियों को सिखाए आग से बचाव के तरीके, एक्सटिंग्विशर चलाने की दी ट्रेनिंग
- महाकाल की भस्म आरती में स्नेहा राणा: 2 घंटे नंदी हॉल में बैठकर की आराधना, मंत्री संजय सिंह ने भी किए दर्शन
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी: उज्जैन में 800 ‘आपदा मित्र’ होंगे तैनात, शिप्रा घाटों पर दी जा रही विशेष ट्रेनिंग
- जया किशोरी पहुंचीं महाकाल दरबार: नंदी हॉल में किया जाप, जल अर्पित कर लिया आशीर्वाद
- तड़के खुला महाकाल का दरबार: पंचामृत अभिषेक के बाद त्रिपुंड और मुकुट में सजे बाबा के दिव्य दर्शन, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
कालिदास समारोह या कथक समारोह
सात दिन में 7 कथक प्रस्तुतियां, अपर कलेक्टर ने मंच से कहा- अगले वर्ष नाट्य मंचन व नृत्य प्रस्तुति में संतुलन बनाएंगे
उज्जैन | अखिल भारतीय कालिदास समारोह का गुरुवार को समापन हो गया। सात दिनी समारोह में इस बार कथक की प्रस्तुतियां सबसे ज्यादा रहीं। सात दिनों में कथक की 7 प्रस्तुतियां हुईं। इसमें एक दिन ऐसा भी रहा, जब दो कथक प्रस्तुतियां हुई। जिससे यह पूरा समारोह कथक समारोह जैसा हो गया। समापन संध्या पर भी गुरुवार रात नईदिल्ली की रचना यादव एवं उनके साथी कलाकारों ने कथक समूह नृत्य किया। प्रस्तुति से पहले शाम 4 बजे हुए समापन समारोह में अपर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने भी मंच से यह स्वीकार किया कि इस बार कथक ज्यादा हुए हैं। अगले वर्ष नाट्य मंचन आैर कथक नृत्य में कलाकारों का सामंजस्य कर दोनों विधाओं को समतुल्य बनाएंगे। मुखर्जी को जिला प्रशासन की ओर से समारोह के लिए कार्यक्रम समन्वयक अधिकारी नियुक्त किया है।