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खाली पद व स्कूल के नाम देख शिक्षक जोड़ते रहे दूरी, 34 शिक्षक बोले- नहीं जाएंगे क्योंकि घर से ज्यादा दूर पड़ जाएगा
शिक्षा विभाग में हुए तबादलों के बाद अब स्कूल चयन को लेकर शिक्षकों के बीच जद्दोजहद बनी हुई है। शुक्रवार को जिला शिक्षा विभाग में रखी गई काउंसलिंग में दूरी वाले स्कूलों में जाने के लिए शिक्षकों की दिलचस्पी नहीं रही। अफसरों के सामने ही रिक्त पद आैर स्कूल का नाम देखने के बाद शिक्षक उस स्कूल की दूरी भी जोड़ते रहे। दिनभर चली काउंसलिंग में 34 शिक्षकों ने स्कूल दूर होने के वजह से असहमति दी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने कई ऐसे शिक्षकों के ट्रांसफर भी उन स्कूलों में कर दिए हैं, जहां पहले से ही पर्याप्त शिक्षक हैं। जिले के सभी संकुलों में ऐसे 100 से अधिक शिक्षक हैं। संबंधित स्कूल में शिक्षक पर्याप्त होने के कारण इन शिक्षकों को जिला शिक्षा विभाग में ज्वाइन तो करवा लिया लेकिन अब इन्हें स्कूलों में भेजने के लिए मशक्कत करना पड़ रही है। शुक्रवार को इन शिक्षकों की काउंसलिंग रखी गई।
जिले के कुल 111 उच्चतर माध्यमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक आैर प्राथमिक शिक्षकों के लिए यह काउंसलिंग रखी गई थी। जिसके कारण दिनभर जिला शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भीड़ लगी रही। अधिकांश शिक्षक शहर या शहरी सीमा से लगे स्कूलों में जाना चाहते थे। जिला शिक्षा अधिकारी रमा नाहटे एवं सहायक संचालक अभय तोमर सहित प्राचार्यों की कमेटी के समक्ष शिक्षकों को सूची दिखाते हुए उनकी च्वाइस पूछी गई।
अधिकांश शिक्षकों को तब निराशा हाथ लगी, जब उन्हें उज्जैन शहर आैर ग्रामीण विकासखंड के किसी भी स्कूल में पद खाली नहीं मिला। घटि्टया, महिदपुर, तराना आैर खाचरौद विकासखंड की सूचियों में ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों के नाम आैर रिक्त पदों की स्थिति देखने के बाद शिक्षक यह गणना करने लगे कि उज्जैन से इन स्कूलों की दूरी कितनी है। सूची देखने के बाद केवल 46 शिक्षकों ने ही काउंसलिंग में सहमति दी। वहीं 34 शिक्षकों ने असहमति दी आैर 31 शिक्षक अनुपस्थित रहे। जिला शिक्षा अधिकारी नाहटे ने बताया विभागीय मुख्यालय के निर्देशों के आधार पर ही काउंसलिंग पूरी करवाई गई।
काउंसलिंग में ऐसी रही स्थिति
शिक्षक श्रेणी कुल चयन किया असहमत अनुपस्थित
उच्चतर माध्यमिक शिक्षक 07 05 02 कोई नहीं
माध्यमिक शिक्षक 59 21 19 19
प्राथमिक शिक्षक 45 20 13 12
काउंसलिंग में शिक्षकों की संख्या अधिक होने के कारण इस तरह कार्डलेस माइक से एडीपीसी गिरीश तिवारी को एनाउंसमेंट करना पड़ी।