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खुले आसमान के ये परिंदे भी हैं महाकाल के भक्त, देखें कैसे करते हैं परिक्रमा
उज्जैन. राजाधिराज भगवान महाकालेश्वर के वैसे तो लाखों भक्त हैं, लेकिन यहां के न सिर्फ मनुष्य, बल्कि परिंदे भी उनकी भक्ति में लीन रहते हैं। सुबह-शाम इन पंछियों का कलरव बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करता है। इनका झुंड मंदिर के मुख्य शिखर के चारों तरफ घूम-घूमकर कई बार परिक्रमा करता है। यह नजारा जो भी देखता है, वह देखता ही रह जाता है।
दिनभर नहीं, सिर्फ सुबह-शाम
पंछियों का झुंड बाबा महाकाल के शिखर की दिनभर नहीं, बल्कि सिर्फ सुबह-शाम ही परिक्रमा करता है, वह भी किसी नियमित भक्त की तरह। बाहर से आने वाले दर्शनार्थी भी इन पंछियों के झुंड को देख विभोर हो जाते हैं।
शिखर ही है रैनबसेरा
महाकाल मंदिर का मुख्य शिखर ही इन परिंदों का रैनबसेरा है। दिन में ये दाना चुगने इधर-उधर चले जाते हैं, लेकिन सुबह जाने से पहले और शाम को लौटने के बाद इन परिंदों का मुख्य काम यही रहता है कि वे बाबा महाकाल के मुख्य शिखर की परिक्रमा करें।
कट रहे पेड़, छिन रहा घरौंदा
शहर के विकास के चलते कई स्थानों पर पेड़ काटे जा रहे हैं। ऐसे में इन बेजुबान पंछियों की दशा समझने वाला कोई नहीं। कटते पेड़ों के कारण ये लोग ऊंची इमारतों और मंदिरों के शिखर पर ही अपना डेरा लगाते हैं।