- उज्जैन में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत: तिलक लगाकर बच्चों का हुआ स्वागत, प्रवेश उत्सव में बांटी किताबें और साइकिल; कलेक्टर सहित अधिकारी पहुंचे स्कूल
- महाकाल के दरबार में बॉलीवुड सितारे: अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया ने किए दर्शन, नंदी के कान में कही मनोकामना
- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के साथ शुरू हुई भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण से साकार हुए महाकाल, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु!
- उज्जैन में महावीर जयंती पर भव्य शोभायात्रा: हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, गूंजे ‘वीर प्रभु महावीर’ के जयकारे
- शेषनाग मुकुट और मोगरे के फूलों से सजे बाबा, भस्म आरती में दिखा दिव्य और अलौकिक स्वरूप
गुरुनानक अस्पताल : मांगे 80 हजार रुपए, 42 हजार चुकाने पर 3 घंटे बाद दिया बहू का शव…
उज्जैन। डॉक्टर साहब, हमारे पास जो था, सब दे दिया, अब जो मर गई है, उसकी बॉडी तो दे दो। हमें हमारी मरी बहू का मुंह देखने तो दो, हम अपना सबकुछ बेचकर आपकी फीस जमा कर देंगे। जहां तीन लोग मरे हैं उन्हीं के साथ चौथी का भी अंतिम संस्कार हो जाएगा……ये रूदन गुरूनानक हास्पिटल में गूंजता रहा लेकिन पत्थर दिल निजी अस्पताल (फ्रीगंज का गुरूनानक हॉस्पिटल) के स्टॉफ का दिल नहीं पसीजा…डेड बॉडी दोपहर से लेकर पूरी रात हॉस्पिटल में पड़ी रही, लेकिन किसी भी डॉक्टर ने परिजन को मुंह भी नहीं देखने दिया।
यह है कोर्ट की गाइडलाइन
इसी वर्ष उच्च न्यायालय ने निर्देश दिये हैं कि किसी भी मरीज की निजी अस्पताल में मृत्यु होने पर उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द किये जाने से अस्पताल प्रशासन नहीं रोक सकता।
कोर्ट ने संबंधित थाना को इस मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिये हैं कि ऐसे अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई भी हो। ऐसी शिकायत पर अस्पताल का लायसेंस भी निरस्त किया जाए लेकिन उज्जैन में आए दिन ऐसी घटनाए हो रही हैं। प्रशासन इसे रोकने में अक्षम साबित हो रहा है। लोगों की मांग है कि अस्पतालों के बाहर जिला प्रशासन ऐसे निर्देश चस्पा करे।