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चक्रतीर्थ पर सफाई और सेनेटराइज से चौंक गये लोग
उज्जैन:चक्रतीर्थ की अव्यवस्था किसी से छुपी नहीं है। यहां किसी न किसी की अंतिम यात्रा में शहर के लोग पहुंचते हैं। गंदगी, टूटे चबूतरे से आहत भी होते हैं, लेकिन नगर निगम द्वारा व्यवस्थाओं की सुध नहीं ली जाती। सुबह नगर निगम आयुक्त द्वारा चक्रतीर्थ के निरीक्षण की सूचना कर्मचारियों को मिली तो ताबड़तोड़ व्यवस्थाएं होने लगीं जिसे देखकर यहां मौजूद लोग भी चौंक गये।
यहां वहां बिखरी घास, लकड़ी, कपड़े, आवारा मवेशी और गंदगी का नजारा चक्रतीर्थ पर आम है। यहां नगर निगम के अधिकारी भी व्यवस्था का जायजा लेने नहीं आते। जो कर्मचारी ड्यूटी करते हैं वही मर्जी के मालिक हैं, जबकि शहर का श्मशान घाट ऐसा स्थान है जहां प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति कभी न कभी किसी न किसी की अंतिम यात्रा में अवश्य आता है, लेकिन सुबह चक्रतीर्थ का नजारा बदला सा नजा आ रहा था। झोन और मुख्यालय के अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय थे। सफाई कर्मचारी भी नदी किनारे बने चबूतरों के साथ प्रवेश द्वार से लेकर विद्युत शवदाह गृह, शोकसभा हॉल में सफाई कर रहे थे।
कर्मचारियों ने बताया कि नगर निगम आयुक्त का निरीक्षण होने वाला है इस कारण अतिरिक्त कर्मचारियों को बुलाकर सफाई व अन्य कार्य कराये जा रहे हैं। सेनेटराइज मशीन भी बुलाई है। पूरे चक्रतीर्थ परिसर को सेनेटराइज कराया जाना है। सुबह 8 से 9 बजे तक आयुक्त के आने से पहले ताबड़तोड़ व्यवस्थाएं होती रहीं ताकि साहब को कोई कमी नजर न आये और एक घंटे बाद कर्मचारियों को पता चला कि आयुक्त का निरीक्षण निरस्त हो गया है और वह अपने बंगले के लिये रवाना हो गये हैं उसके बाद सारे अधिकारी-कर्मचारी भी अपने अपने वाहन उठाकर चक्रतीर्थ को अपने हाल पर छोड़कर चले गये।