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चिटफंड कंपनियां खोलकर पांच साल में ठगे 250 करोड़ ललित जैन. उज्जैन
ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो) की स्थानीय इकाई को 11 ऐसी चिटफंड कंपनियों के डायरेक्टर की तलाश है .
जिन्होंने करीब पांच साल में सैकड़ों लोगों को झांसे में लेकर ढाई सौ करोड़ रुपए ठगे हैं। विभिन्न 8 केसों में तीन साल से फरार ऐसे करीब ८३ आरोपियों के अब तक हाथ नहीं आने पर विभाग विशेष मुहिम शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
ईओडब्ल्यू के रिकॉर्ड अनुसार पिछले पांच साल में पंजाब, राजस्थान, रतलाम और उज्जैन के करीब ८७ शातिरों ने उनकी चिटफंड कंपनियां में राशि इन्वेस्ट करने पर रातोंरात लखपति बनने के सब्जबाग दिखाए। झांसे में आकर संभाग भर के सैकड़ों लोगों ने अपनी जमा पूंजी इनके हवाले कर दी। करोड़ों रुपए इक्कठा होने पर कंपनियां बंद होती रहीं और डायरेक्टर रफूचक्कर होते गए। शिकायतें मिलने पर केस दर्ज कर जांच कर उन्हें खोजा जाता रहा लेकिन अब तक तीन कपंनियों के सात आरोपियों को ही पकड़ा जा सका। शेष ८३ आरोपी, जिनमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं अब तक हाथ नहीं लग सके हैं।
चार पकड़ाए, सरगना की तलाश
हाल ही में १९ अप्रैल को ईओडब्ल्यू टीम ने पांच साल में २३ करोड़ रुपए ठगने वाली ग्लोरिया प्रॉपर्टी लिमिटेड कंपनी के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर भैरवगढ़ जेल भेज दिया। २०१६ में दर्ज इस केस में मुख्य सरगना धर्मेश पिता उमाराव धनगया हाथ नहीं आ सका। टीम को उम्मीद है कि जल्द ही वो भी गिरफ्त में होगा।
१०० करोड़ ठगी पिता-पुत्र जेल में
मक्सी निवासी कैलाश लोधी ने परिजनों के साथ मिलकर एसयूएस इंडिया लिमिटेड व इसके अधीन १७ कपंनियां खोलकर पांच राज्यों में १०० करोड़ की ठगी की थी। कैलाश व उसके पुत्र अनिल को २०१६ में ईओडब्ल्यू ने जेल भेज दिया था। मामले में कैलाश की पत्नी भागवती बाई सहित १२ आरोपी अब तक फरार है।
मुखिया देवास में २४ गिरफ्त से दूर
पंजाब के सतनाम पिता बलवंत सिंह रंधावा ने चार साथियों के साथ वर्ष २०१६ में जैन डेयरी खोल २५ करोड़ ठगे। बाद में २० साथियों के साथ जैन गोल्ड कंपनी खोलकर फिर लोगों को २५ करोड़ की चपत लगा दी। २०१८ में ईओडब्ल्यू ने सतनाम को देवास जेल पहुंचा दिया। उसके २४ साथियों की अब भी तलाश जारी है।
छह साल पहले ठगाए थे २५ हजार लोग
वर्ष २०१३ में विभिन्न प्रदेशों के शातिरों ने १५ कंपनियां खोलकर उज्जैन में फ्रेंचाइजी दी थी। मोटे कमीशन के लालच में ब्रोकर्स ने कंपनियों की योजनानुसार लोगों को भरोसा दिलाया कि उनसे ली आईडी से कम्प्यूटर पर दर्शाए विज्ञापनों पर क्लीक करंे जिससे दोगुनी-तिगुनी राशि मिलेगी।
लालच मेंं जिले के करीब २५ हजार लोगों ने एक अरब रुपए दांव पर लगा दिए। बाद में कंपनियां भागने लगीं। केस दर्ज हुए कुछ पकड़ाए। आज भी कई मामले पेंडिंग हंै। इस दौरान लाखों का चूना लगने पर कई लोगों को आत्महत्या तक की नौबत आ गई थी।